छोड़कर सामग्री पर जाएँ

सूबे का ताकतवर मंत्री भी हार गया बिजली विभाग के पैतरो से..? गांधीगंज, एमजी रोड, मालधक्का रोड, सावित्री नगर, बेनी कुंज जैसे इलाके से आंदोलन का बदला इंस्टॉलमेंट में !

रायगढ़। इन दोनों रायगढ़ का विद्युत विभाग अपने काम काज को लेकर काफी सुर्खियों में है। यहां हम आपको बताना लाजमी समझते हैं कि सूबे के सबसे ताकतवर और पावरफुल मंत्री ओपी चौधरी की विधानसभा है रायगढ़! मगर उनके ऑफिशियल कार्यालय से महज 200 मीटर दूर शहर की जनता विद्युत विभाग से परेशान नहीं बल्कि प्रताड़ित है।

इन प्रताड़ित क्षेत्र में गांधीगंज, एमजी रोड, मालधक्का रोड, सावित्री नगर, बेनी कुंज जैसे इलाके आते हैं और आपको बता दें कि इन्होंने इसके लिए चक्का जाम तक का आंदोलन किया है मगर स्थिति उसके बाद से गले की हड्डी बन गई है! ना सही से बिजली मिल रही है..  मिल भी रही है तो ऐसी की टॉर्चर से कम नहीं। स्थानीय लोग तो बोलते हैं यह विद्युत विभाग का बदला है हमसे!

पूरी घटना शुरू होती है, मंत्री जी के जन्मदिन से एक दिन पहले यानी 1 जून को, जब एक जबरदस्त आंधी आई.. गांधी गंज में एक पेड़ गिरा, उसके साथ-साथ शहर के कई क्षेत्रों में भी पेड़ गिरे, बिजली प्रभावित हुई। जैसे तैसे करके कुछ क्षेत्रों में लाइट आ गई ! मगर अगले दिन 24 घंटे तक मंत्री जी के बर्थडे के दिन और उनके कार्यालय की अत्यधिक समीप गांधी गंज एरिया और उसके आसपास के क्षेत्र में बत्ती गुल थी और उसे कुछ ही दूरी पर उसी दिन मंत्री जी को लड्डुओं से तौला जा रहा था! उस समय पब्लिक द्वारा कहावत बोली जा रही थी, कि “रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था!” इसके लिए कांग्रेस ने  आंदोलन भी किया था।

यहां हर दो घंटे में एक बार बिजली गुल होना आम बात है, आलम यह है की लोगों ने मंत्री जी से और विभाग से उम्मीद हटा ली है, अपने-अपने घरों में इनवर्टर भी लगा रखा है।  इनवरटर चार्ज होने तक की बिजली नहीं  बचती। किसी के घर में छोटे बच्चे हैं, कहीं बुजुर्ग है और सबसे बड़ी बात तो यह पूरा मार्केट एरिया है, अगर यही हाल रहा तो कुछ दिनों बाद इसका नाम बत्ती गुल एरिया या अंधेरा मार्केट होगा!

अभी हाल फिलहाल में बेनी कुंज एरिया में भी यही हाल है और वहां समस्या यह है कि नए-नए बिल्डरों ने तगड़ी बिल्डिंग बना रखी है,  लिफ्ट भी लगा रखें हैं लेकिन सारे के सारे बिजली विभाग के भरोसे हैं ! अब इनवर्टर से तो लिफ्ट चलने वाली है नहीं! अचानक से बत्ती गुल जाती है और आदमी “आसमान से लटके खजूर पर अटके…” वाले कंडीशन पर फंस जाता है! अब कब आएगी बिजली, कब चलेगी लिफ्ट! सब राम भरोसे होते हैं जैसे कि सरकार भी राम भरोसे थी और लोगों ने भी राम के भरोसे इनको वोट दे दिया था। पूरे जिले भर में सबसे तगड़ी लीड रायगढ़ विधानसभा से ही है भाजपा की!

लोग ने थकहार कर मीडिया को फोन किया, क्योंकि लोग प्रशासन से और बिजली विभाग से, छोटे से लेकर तगड़े वाले नेताजी से, बड़े वाले मंत्री जी से भी.. थक हार चुके थे!

आज भी सच्चाई तो यह है “होवे वही जो राम रचि राखा..” मगर फिलहाल रायगढ़ के राम, इसमें इंटरेस्टेड दिखाई नहीं देते और बहुत जल्द ही आपके शहर में बाजार एरिया का नया नाम आप में से ही कोई एक रखेगा , वह चाहे बत्ती गुल हो.. या अंधेरा बाजार!

ख़बर शेयर करें: