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रायगढ़ तहसीलदार से विवाद! बाप बेटे पर गंभीर गैर जमानतीय धाराओं के तहत दर्ज FIR! प्रशासन ने लगाया पूरा जोर! एसपी भी पहुंचे थे थाने..

रायगढ़। कल देर शाम चक्रधर नगर क्षेत्र में एक ऐसा वाकया हुआ कि इसके बाद से आम आदमी प्रशासनिक दहशत का अनुभव कर रहा है। दरअसल कल शाम रायगढ़ तहसीलदार लोमेश मिरी अपनी चारपहिया वाहन में जिला पंचायत के पीछे, छोटे अतरमुड़ा में अपनी पत्नी के साथ अपने बच्चे को ट्यूशन छोड़ने गए थे। गली सकरी होने के बावजूद भी अपनी चार पहिया वाहन को उन्होंने अंदर डाल दिया। जिससे एक घर के सामने खड़ी स्कूटी उनके गाड़ी से गिर गई। 

घटना के बाद माहौल

इसके बाद वहां रहने वाला शर्मा परिवार बाहर निकला। गाड़ी उठाने को लेकर बहस बाजी हुई। जो इस तरह की घटनाओं के बाद से एक आम बात है। तहसीलदार ने फोन लगाना शुरू किया और धीरे-धीरे पूरा प्रशासनिक अमला हरक़त में आया और इसका परिणाम युवक और उसके पिता पर एस्ट्रोसिटी एक्ट और छेड़छाड़ जैसी गंभीर गैर जमानतीय धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर दिया गया।

इस मामले में तहसीलदार लोमेश मिरी का कहना है कि ठोकर के बाद उन्हें राज शर्मा द्वारा गाड़ी से कालर पकड़कर निकाला गया। उनके साथ गाली गलौज और मारपीट की गई। उनकी पत्नी के साथ भी अभद्रता की गई। इसके बाद उन्होंने अपने विभाग के लोगों को बुलाया और चक्रधर नगर थाने पहुँचे।

पुलिस ने इस मामले में राज शर्मा और उसके पिता गौरी शंकर शर्मा पर आईपीसी की धारा 294, 506, 34, 354, 323, अनुसूचित जाति जनजाति (नृशंसता अधिनियम) 3 (2) (5) के तहत अपराध दर्ज किया है।

चक्रधर नगर थाने पहुँच रायगढ़ पुलिस अधीक्षक

तुरंत थाने पहुंचे एसपी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना की सूचना एसपी दिव्यांग पटेल को दी गई। चक्रधर नगर थाने में अपराध दर्ज कराने के लिए बयान दर्ज करवाया गया। एसपी दिव्यांग पटेल खुद थाने पहुंचे और कार्रवाई करने के निर्देश दिए। राज शर्मा के पिता को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया।  करीब सात बजे युवक राज शर्मा को पकडक़र थाने लाया गया। कलेक्टर ने भी इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

प्रशासन ने लगाया पूरा जोर

वार्ड पार्षद विमल यादव भी घटना की जानकारी मिलने पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि तहसीलदार की कार से स्कूटी को ठोकर लग गई जिससे गाड़ी गिर गई, लेकिन तहसीलदार इसे अनदेखा करके निकल रहे थे। तब उनको रोका गया। गरीब परिवार को मालूम नहीं था कि वे तहसीलदार हैं। इसे वहीं सुलझाया जाना था लेकिन प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी। किसी आम आदमी के साथ ऐसा हर रोज होता है लेकिन पुलिस इतनी सक्रिय नहीं होती।

इस मामले में देखा जाए तो ऐसी छुटपुट घटनाएं हर रोज होती है मगर इतनी गंभीर धाराओं के तहत किसी पर अपराध दर्ज नहीं होता।

तहसीलदार की गाड़ी

युवक की मां ने भी लगाए आरोप

इस बीच युवक की मां बीना शर्मा ने भी मीडिया से बात करते हुए तहसीलदार पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गाड़ी मोड़ते समय उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। गाड़ी उठाने को कहा तो तहसीलदार अपने पद का रौब दिखाते हुए गाली गलौज करने लगे। तब विवाद बढ़ा। उन्होंने पुलिस पर भी उनके पुत्र राजा से बहुत ज्यादा मारपीट करने का आरोप लगाया, उन्होंने बताया कि थाने में तहसीलदार के कहने पर पुलिस वाले ने उनके बेटे को इतना पीटा की उसका मुंह कान फुल गया। वीडियो में देखिए लड़के के मा ने क्या कहा

रायगढ़ भी हो सकता है बलौदा बाजार: सत्यजीत घोष

इस मामले में पत्रकार सत्यजीत घोष ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ जहां एक आम आदमी और तहसीलदार की एक मामूली से विवाद पर रायगढ़ पुलिस ने जिस तरह गंभीर धाराएं लगाकर पूरे परिवार की जिंदगी को कटघरे में ला दिया। वहीं दूसरी तरफ मेरे ऊपर  हुए हमले को पुलिस ने मारपीट की घटना बताते हुए इतिश्री कर दिया। मेरा बयान को बदल दिया गया और पुलिस की कार्यशैली देखकर मुझे सोशल मीडिया में खुद अपना बयान जारी करना पड़ा। और यहां पुलिस ने मामूली बहस बाजी और मारपीट की घटना को आवेदन के आधार पर गंभीर गैर जमानतीय अपराध में दर्ज कर दिया। पुलिस की ऐसी ही जांच के कारण छत्तीसगढ़ में बलौदा बाजार जैसा भीषण कांड हुआ है। अगर यही स्थिति रही तो बड़ी बात नही रायगढ़ भी एक दिन बलोदाबाजार वाली कंडीशन में होगा।

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