रायगढ़। छत्तीसगढ़ की राजनीति में सोशल मीडिया इन दिनों सत्ता और विपक्ष के बीच एक नया अखाड़ा बनता जा रहा है। रायगढ़ की पूर्व कांग्रेस महापौर जानकी काटजू ने हाल ही में राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी की एक पुरानी फेसबुक पोस्ट को लेकर तीखा तंज कसा है। उन्होंने चौधरी की “पुरानी पोस्ट” को उद्धृत करते हुए न केवल उनकी सोच पर सवाल उठाया, बाकि उनको अपनी एक पुराणी कहानी भी यद् दिलाई। मुद्दा अच्छा था, जनता से जुड़ा भी था, मगर इन सब में वे भाषा की मर्यादा भी भूल गयी!
जानकी काटजू ने फेसबुक पर लिखा:
“यह पोस्ट 2020 की है जब शराब छत्तीसगढ़ को बर्बाद कर रही थी
अब जो 67 नई शराब दुकानें खुली है उससे छत्तीसगढ़ कितना आगे जाएगा”
इसके साथ उन्होने वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पुरानी पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया, जिसमे ओपी चौधरी की तस्वीर पर एक कैप्शन भी लिखा , इसमे उनके लिये ‘दोगला‘ शब्द का प्रयोग किया गया। जो सार्वजानिक जीवन में विवादित और अमर्यादित भाषा है. उसमे लिखा है की
ओपी चौधरी का दोगला पंथी इसे कहते है। 2020 में दारू के खिलाफ लिखा था। और आज जब सत्ता में है तब

यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब छत्तीसगढ़ में नई भाजपा सरकार की कार्यशैली को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। जानकी काटजू की इस पोस्ट से स्पष्ट है कि कांग्रेस अब सोशल मीडिया के माध्यम से सत्ता पक्ष की नीतियों और नेताओं की पुरानी बातों को आधार बनाकर जवाब देने की रणनीति अपना रही है। मगर राजनितीक सुचिता के लिए शब्दों की मर्यादा भी जरुरी है !
राजनीतिक पृष्ठभूमि
जानकी काटजू, जो रायगढ़ नगर निगम की पूर्व महापौर हैं, हाल ही में हुए नगर निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी जीववर्धन सिंह चौहान से पराजित हुई थीं। इसके बाद से वे लगातार भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन के फैसलों पर अपनी प्रतिक्रिया दे रही हैं।
दूसरी ओर, ओपी चौधरी जो राज्य के वित्त मंत्री हैं, हाल ही में छत्तीसगढ़ का बजट अपने हाथों से लिखकर प्रस्तुत कर चुके हैं, और जनसंपर्क से लेकर नीति-निर्धारण तक में सक्रिय रूप से सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे हैं।



