रायगढ़। उड़ीसा से मध्य प्रदेश ले जाई जा रही 300 किलोग्राम गांजे की खेप के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी (मास्टरमाइंड) को गिरफ्तार कर लिया है। साइबर सेल और लैलूंगा पुलिस की संयुक्त टीम ने फरार आरोपी को लैलूंगा मुख्य मार्ग स्थित कुंजारा के पास घेराबंदी कर पकड़ा है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

घेराबंदी कर पकड़ा गया आरोपी
पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई को सूचना मिली थी कि इस मामले का मुख्य आरोपी एक KIA कार (CG-10 BE-5998) से रायगढ़ क्षेत्र में घूम रहा है। पुलिस की गतिविधि भांपकर आरोपी ने वाहन तेजी से भगाना शुरू किया। इसके बाद साइबर और लैलूंगा पुलिस ने सरहदी थानों को अलर्ट कर नाकेबंदी की और पीछा करते हुए कुंजारा के पास उसे धर दबोचा।
आरोपी की पहचान और जब्ती
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शुभम यादव (29 वर्ष), पिता लखनलाल यादव, निवासी विवेकनगर कॉलोनी, थाना चचाई, जिला अनूपपुर (मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 10 लाख रुपये कीमत की KIA कार, एक मोबाइल फोन, घड़ी, 3,000 रुपये नकद, गाड़ी की आरसी और तीन एटीएम कार्ड सहित कुल 10.17 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।

क्या था पूरा मामला?
गौरतलब है कि 5 जून 2026 को रायगढ़ पुलिस ने उड़ीसा से मध्य प्रदेश ले जाई जा रही करीब 300 किलोग्राम गांजे की बड़ी खेप पकड़ी थी। उस कार्रवाई में 1.50 करोड़ रुपये का गांजा और दो वाहनों (इनोवा क्रिस्टा एवं मारुति सुजुकी XL-6) समेत कुल 1.86 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। मौके से तीन तस्करों—निखिल कश्यप, रिंकु कश्यप और धर्मेन्द्र कुमार मौर्य को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में इन आरोपियों ने खुलासा किया था कि इस पूरे तस्करी नेटवर्क का मास्टरमाइंड शुभम यादव ही है।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
इस खुलासे के बाद से ही पुलिस तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की मदद से शुभम की तलाश कर रही थी। लैलूंगा थाने में अपराध क्रमांक 184/2026 के तहत एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पूछताछ में आरोपी से तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जानकारी जुटाई जा रही है।



