रायगढ़, 21 अप्रैल 2025 — रायगढ़ शहर को झकझोर देने वाली गजानंदपुरम कॉलोनी की चोरी का पुलिस ने महज 48 घंटे में चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस संगीन वारदात में शामिल चार नाबालिगों के साथ एक महिला और एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। बरामदगी में ₹87,000 नकद, मोबाइल और चोरी में इस्तेमाल साइकिल भी जब्त की गई है।
18 अप्रैल को दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज़ चोरी की गूंज पूरे इलाके में फैल गई थी। मकान मालिक मनोज कुमार ओझा जब शाम को घर लौटे, तो उनका घर पूरी तरह तहस-नहस था। आलमारी का दराज़ टूटा मिला और उसमें रखे 2.5 लाख नकद व 3.5 लाख के जेवरात गायब थे।

जैसे ही सूचना कोतवाली पुलिस को मिली, एसपी दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देशन में नगर पुलिस अधीक्षक आकाश शुक्ला, साइबर सेल, डॉग स्क्वॉड और कोतवाली थाना स्टाफ ने मोर्चा संभाल लिया। मौके की सूक्ष्म जांच के बाद सीसीटीवी खंगाले गए, संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी गई और मुखबिर की सूचना से चार नाबालिगों की पहचान की गई।
चौंकाने वाला खुलासा:
पूछताछ में इन नाबालिगों ने कबूल किया कि उन्हें चोरी के लिए उकसाया गया था—सुरज अग्रवाल नामक युवक और कुसुम एक्का नामक महिला द्वारा। उन्होंने बच्चों को समझाया कि नाबालिगों पर कानून सख्त नहीं होता, जिससे वे आसानी से फंस नहीं सकते। बच्चों ने माना कि चोरी के ₹87,000 में से ₹45,000 सुरज और ₹42,000 कुसुम को दिए गए, जबकि बाकी पैसे मौज-मस्ती में खर्च कर दिए।
गिरफ्तार आरोपी:
- सुरज अग्रवाल (20 वर्ष) — हण्डी चौक, रायगढ़
- कुसुम एक्का (37 वर्ष) — जवाहर नगर, रामभाठा
- चार विधि से संघर्षरत बालक — सक्षम किशोर न्यायालय में पेश
पुलिस की तेज़ कार्रवाई में बरामद:
- ₹87,000 नकद
- मोबाइल फोन
- चोरी में प्रयुक्त साइकिल
इस पूरी कार्रवाई में उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, मनीष कांत, एएसआई कोसो सिंह जगत, प्रधान आरक्षक दिलीप भानु, आरक्षक मनोज पटनायक, उत्तम सारथी और साइबर सेल टीम की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।
बड़ी बात:
इस मामले में 95, 3(5) बी.एन.एस की धाराएं भी जोड़ी गई हैं ताकि नाबालिगों को अपराध में धकेलने वालों को कड़ी सजा दी जा सके।



