छोड़कर सामग्री पर जाएँ

रायगढ़ में गांजा तस्करी का अंतर्राज्यीय जाल उजागर: 46 लाख की संपत्ति जब्त! जानिये विस्तार से, देखें वीडियो

रायगढ़, 14 मई 2025 – छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में लैलूंगा पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय गांजा तस्करों के दो बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने 61 किलो गांजा, तीन लग्जरी कारें, सात मोबाइल फोन (जिसमें एक आईफोन), एक हाथ घड़ी और ₹1.80 लाख नकद समेत कुल ₹46.36 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त की है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

ऑपरेशन की शुरुआत: एक खुफिया सूचना से बड़ी कार्रवाई तक

रायगढ़ पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल को उड़ीसा के सीमावर्ती बौध जिले से गांजा तस्करी की सूचना मिली थी। इस इनपुट के आधार पर लैलूंगा पुलिस और साइबर सेल की टीम ने डीएसपी अनिल विश्वकर्मा और एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के नेतृत्व में त्वरित कार्रवाई शुरू की। 13 मई को पाकरगांव जंगल मार्ग में घेराबंदी कर पुलिस ने दो संदिग्ध वाहनों पर छापा मारा। मौके से एक तस्कर पुरेन्द्र यादव को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके तीन साथी भाग निकले।

गिरोह-1: पुरेन्द्र यादव और उसके साथी

गिरफ्तार पुरेन्द्र यादव (18 वर्ष, जशपुर) ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह अपने तीन साथियों — रितेश यादव, युगल यादव और यदुमणि यादव — के साथ मिलकर उड़ीसा से गांजा लाकर बेचता था। तस्करी में स्वीफ्ट और ग्लेंजा कारों का इस्तेमाल किया गया, जिनमें से एक पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20B, 29 के तहत केस दर्ज किया है (Cr.No. 128/2025)।

गिरोह-2: दिनेश यादव का नेटवर्क

पहले से फरार चल रहे दिनेश यादव (20 वर्ष, लैलूंगा) को भी पुलिस ने इस ऑपरेशन में गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि 1 मार्च को उसने अपने साथियों केशव यादव और नत्थू यादव के साथ 60 किलो गांजा उड़ीसा से लाया था। पुलिस ने पूर्व में 8 मार्च को केशव और नत्थू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि दिनेश और गिरधारी यादव तब से फरार थे।

दिनेश यादव के पास से 1.80 लाख रुपये नकद, वेन्यू कार (OD-15-R-4047), छह मोबाइल फोन (एक आईफोन सहित), और एक महंगी घड़ी जब्त की गई। गिरोह तस्करी में फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करता था ताकि ट्रैकिंग से बचा जा सके।

वीडियो: साइबर सेल डीएसपी, अनिल विश्वकर्मा मामले की जानकारी देते हुए

जब्त संपत्ति का ब्यौरा:

  • गांजा – 61 किलो (अनुमानित कीमत ₹6,10,000)
  • नकद – ₹1,80,000
  • वाहन – स्वीफ्ट, ग्लेंजा और वेन्यू कार
  • मोबाइल – 7 मोबाइल फोन (1 आईफोन सहित)
  • अन्य – 1 हाथ घड़ी
  • कुल जब्त संपत्ति₹46,36,000

कड़ी निगरानी और सराहनीय टीमवर्क

इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के कुशल नेतृत्व के साथ साइबर सेल डीएसपी अनिल विश्वकर्मा, एसडीओपी सिद्धांत तिवारी, थाना प्रभारी इगेश्वर यादव और साइबर टीम के अन्य अधिकारियों व जवानों की अहम भूमिका रही।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस अब भी फरार तस्करों की तलाश में जुटी हुई है। रायगढ़ पुलिस का यह ऑपरेशन न सिर्फ अंतर्राज्यीय गांजा नेटवर्क पर बड़ा प्रहार है, बल्कि यह दर्शाता है कि नशा कारोबारियों के खिलाफ प्रशासन की ज़ीरो टॉलरेंस नीति ज़मीनी स्तर पर सक्रिय है।

ख़बर शेयर करें: