रायगढ़। आखिरकार रायगढ़ में काफी सालों के बाद इंकलाब ने दस्तक दे ही दी। वह इंकलाब छोटा-मोटा नहीं है। सीधा जिलाधीश के घर के सामने! क्योंकि सैकड़ो लोगों का घर टूटने वाला है। अपना अस्तित्व बचाने के लिए तो एक जानवर भी संघर्ष करता है, यह बेचारे तो इंसान है!
एक्चुअल में पूरा मामला यह है कि रायगढ़ के विकास के नाम पर फिर से एक बार मरीन ड्राइव टाइप का जिन्न बाहर निकाला है। गंदी बस्ती बोलकर केलो नदी घाट के किनारे बसे लोगों को निगम द्वारा करीब 15-20 दिन पहले नोटिस दिया गया था और अभी इनका मकान तोड़ने और घर खाली करने के लिए फिर से दोबारा नोटिस जारी किया गया। जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि, गंदी बस्ती निवारण के लिए कल तक आपको अपना मकान खाली करना पड़ेगा वरना…?? नीचे उनकी अंतिम नोटिस की कॉपी लगी है। आप स्वयं पढ़ लीजिए कि उनका डरना क्यों जायज है..?
यही वह प्रशासन का अंतरिम एक्शन है.. जिसके बाद से इतना बड़ा बवाल हुआ! लोगों में भय का वातावरण उत्पन्न हुआ! स्थानीय लोगों ने बताया कि शाम से ही पुलिस का पैदल मार्च चल रहा था। बुलडोजर उनके मोहल्ले के सामने खड़ा था! तो ऐसे में डरना तो बनता है!

विकास के नाम पर फिर चढ़ेगा बलि का बकरा..
विकास को तरसते और विकास के नाम पर बलि का बकरा बनते रायगढ़ की विडंबना ही कुछ और है.. जिस जगह पर एक इंजीनियरिंग कॉलेज ढंग से नहीं चल पाया, बेचारे वहां को शिक्षकों को आज वेतन तक नहीं दे पा रही है सरकार! पर इसी रायगढ़ में नालंदा लाइब्रेरी बन रही है..?
मोटा मोटी बात, आपका बेटा-बेटी बड़ी पढ़ाई करने के लिए बिलासपुर, भिलाई या कोटा जाएगा, लेकिन किताब पढ़ने के लिए रायगढ़ नालंदा लाइब्रेरी आयेगा…? ये लॉजिक कुछ अजीब नहीं है..? गहराई से इन बातो पर सोचना होगा ..? आखिर पब्लिक के नाम पर रियल में किसका फायदा होगा..?

रायगढ़ में मरीन ड्राइव के नाम पर पहले भी कई सड़क बन गयी है। अगर उस सड़क का अंजाम देखना है तो जान जोखिम में डालकर आप जा सकते हैं। कोई बहुत बहुत बड़ा भी नहीं है रायगढ़, आप कितनी बार आपनी फैमिली को लेकर गए होंगे इस दर्शनीय स्थल पर..?? मगर इस बार सैकड़ो घर उजाड़ कर फिर से एक और मरीन ड्राइव बनाया जाएगा। मगर कितने दिनो तक मरीन ड्राइव जिंदा रहेगा.. इसका भगवान ही मालिक है..!
सूत्रों के अनुसार जब से सालो से बंद जूटमिल अरबो में बिकी है, यहाँ विकास की भागीरथी उतरने लगी हैं! अब जमीन के भाव आसमान छू गए और जमीन वाले बुलडोजर के खौफ में है। आज की घटना से इससे अच्छा उदाहरण और क्या हो सकता है..??
अंत में फाइनल रिपोर्टिंग
पिछले डेढ़ घंटे से इंकलाब जारी है, प्रशासन का कहना है कि कोई तीन लोग आकर उनसे बात करें। एसडीएम साहब दो बार आ चुके हैं! यहां के विधायक और पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी रायगढ़ से बाहर हैं। यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है, यह लोग बोलते हैं या ऐसी अफवाह फैलाते हैं। फिलहाल के कलेक्टर साहब भी उनके जूनियर रहे हैं। इसके पहले की पुलिस अपना कंट्रोल खो देती, पांच लोगों को साहब के बंगले अंदर ले जाया गया है। जो भी अपडेट मिलेगी आपको बता दी जाएगी!
15 मिनट की बातचीत के बाद बाहर आए लोग, क्या बोले..?
फिलहाल जो लोग अंदर गए हुए थे, वह बाहर आ चुके हैं! उनका कहना है कि कलेक्टर साहब ने कहा है कि प्रोजेक्ट के डिजाइन को देखा जाएगा और कल सुबह 8:00 बजे जवाब दिया जाएगा। जाएगा लेकिन बेचारे इस उपापोह में है, कल सुबह तो निगम द्वारा तोड़ने का नोटिस है, अमला भी रेडी है.. किस पर भरोसा करें..? निगम अमले पर या बड़े साहब की बात पर..??



