साड़ी से गला घोंटकर की गई थी हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़, 20 जून 2025 — छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के छाल थाना क्षेत्र के ग्राम बांधापाली में 10 जून को हुई महिला की अंधी हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। महिला रमिला कंवर की गला घोंटकर हत्या करने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस जघन्य वारदात को मृतका की ही साड़ी से अंजाम दिया गया था।
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के निर्देशन और एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में छाल थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज की टीम ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया। आरोपियों में एक की गिरफ्तारी रायपुर से और दूसरे की बांधापाली से हुई है।
शव के साथ मिली थी हत्या की पहली निशानी
10 जून को बादीपारा, बांधापाली निवासी रमिला कंवर (30 वर्ष) का शव उसके घर के कमरे में संदिग्ध अवस्था में मिला था। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि उसके गले में उसकी ही साड़ी का छोर बंधा हुआ था, जो गांठ के रूप में नजर आ रहा था। परिजनों ने तुरंत हत्या की आशंका जताई और इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
11 जून को छाल थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। 12 जून को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस आशंका को सही साबित कर दिया— महिला की मौत गला घोंटने से दम घुटने के कारण हुई थी।
ड्राइवर निकला कातिल, दोस्त भी बना साथी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतिका रमिला कंवर का गांव के ही ड्राइवर अनिमिष वैष्णव उर्फ सूरज उर्फ बिट्दु से संपर्क था। घटना के बाद से वह फरार था। पुलिस को शक और गहरा हो गया। लेकिन अनिमिष मोबाइल का उपयोग नहीं कर रहा था और किसी से संपर्क में भी नहीं था, जिससे पुलिस के लिए उसे पकड़ना चुनौती बन गया।
इसके बावजूद पुलिस ने गांव के अन्य ड्राइवरों से संपर्क साधा और उन्हें व्यक्तिगत नंबर देकर संदेही के संपर्क में आने पर सूचना देने कहा। यह रणनीति काम आई— एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की लोकेशन रायपुर में मिली। पुलिस टीम तुरंत रवाना हुई और अनिमिष को रायपुर से दबोच लिया।
पूछताछ में अनिमिष ने खुलासा किया कि इस हत्या में उसका साथ बुधवाराम सिदार ने दिया था, जो उसी गांव का निवासी है। पुलिस ने बुधवाराम को भी तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
घिनौनी साजिश: पहले शराब, फिर कत्ल
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि 10 जून की शाम वे दोनों साथ बैठकर शराब पी रहे थे। उसी दौरान अनिमिष ने रमिला के घर जाने की योजना बनाई और सबसे पहले वहां पहुंचा। कुछ देर बाद बुधवाराम भी रमिला के घर पहुंच गया।
दोनों को एक साथ देख रमिला डर गई और विरोध जताया। उसने शोर मचाने की कोशिश की, जिसके बाद अनिमिष और बुधवाराम ने मिलकर पहले उसका मुंह दबाया और फिर उसी की साड़ी से गला घोंट दिया। हत्या के बाद दोनों वहां से फरार हो गए।
सबूतों ने खोली सच्चाई, आरोपी हुए बेनकाब
शुरुआत में बुधवाराम ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के पास तकनीकी और भौतिक सबूत मौजूद थे। जब दोनों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की गई, तो सच्चाई सामने आ गई।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में उपयोग हुई साड़ी, हसिया का हत्था और अन्य अहम साक्ष्य बरामद किए हैं। मामले में अब भारतीय दंड संहिता की धारा 3(5) BNS को भी जोड़ा गया है और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी
- अनिमिष वैष्णव उर्फ सूरज उर्फ बिट्दु, पिता विजय दास वैष्णव, उम्र 26 वर्ष, निवासी बांधापाली, थाना छाल
- बुधवाराम सिदार, पिता स्वर्गीय अर्जुन सिंह सिदार, उम्र 55 वर्ष, निवासी बांधापाली, थाना छाल
जांच में जुटी पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
इस पूरे खुलासे में निरीक्षक मोहन भारद्वाज के नेतृत्व में उप निरीक्षक मदन पाटले, प्रधान आरक्षक शंकर सिंह क्षत्री, शंभू पांडे, गोविंद बनर्जी, हरेंद्र पाल जगत, भगवती लक्ष्मे और महेंद्र पांडे की भूमिका उल्लेखनीय रही।



