रायगढ़। पिछले महीने रायगढ़ के एक सिविल ठेकेदार से बिलासपुर के डॉक्टर दंपति के द्वारा 15 लाख की ठगी का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया था। महीना बीत जाने के बाद भी ठगने वाला मौज से घूम रहा है और ठगी का शिकार पीड़ित अपने जीवन भर की बचत को गंवाकर, कोतवाली के चक्कर काट- काटकर.. अपने आप को हारा हुआ और असहाय महसूस कर रहा है।
पुलिस कप्तान ना होते तो FIR भी ना होती
इस मामले में पीड़ित चंदन सिंह ठाकुर ने बताया कि कोतवाली पुलिस का रवैया FIR दर्ज करने से लेकर ही ढुलमुल रहा है। पुलिस अधीक्षक से शिकायत दर्ज करने के बाद मामले में गैर जमानती ठगी के मामले में FIR हुई है। FIR तो दर्ज हो गई मगर गिरफ्तारी के लिए महीने भर से कोतवाली पुलिस के द्वारा किसी प्रकार का कोई एक्शन नहीं लिया गया है। इस संबंध में थाना प्रभारी से कई बार मुलाकात हुई है, मगर आरोपियों को पकड़ने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं दिखी।
ऐसा भी नहीं कि आरोपी फरार हो या कहीं छुप छुपाकर बैठे हो। वे बड़े आराम से मामले को निपटाने के जुगाड़ में लगे हुए हैं। वे ऐसे मौज में घूम रहे हैं जैसे कुछ हुआ ही नहीं या जैसे सब कुछ सेट हो चुका हैं।




हमारे पास सुराग नहीं आप ढूंढ कर लाओ..?
पीड़ित ने यह भी बताया कि थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल द्वारा उसे बताया गया कि उनके पास कोई भी सुराग नहीं है। अगर आपके पास कोई सुराग है तो बता दो हम जाकर पकड़ लेंगे?
रायगढ़ पुलिस के पास मजबूत साइबर सेल होने के बावजूद भी कोतवाली पुलिस अभी तक उन आरोपी दंपतियों को ट्रेस नहीं पाई..! यह बात हजम करने के लायक भी नहीं है..?? या कोतवाली पुलिस ने अभी तक साइबर पुलिस को मामला भेजा है या नहीं यह भी एक बड़ा रहस्य है! ऐसे में पुलिस पर सवाल और संदेह उठाना तो जायज हैं।
मामला
आपको बता दे कि पिछले साल 23 अक्टूबर को सिविल ठेकेदार चंदन सिंह ठाकुर से बिलासपुर सिम्स के कथित डॉक्टर दंपति पल्लवी मिश्रा बंजारे और उसके पति संजय बंजारे ने रायपुर में एक डुप्लेक्स मकान के नाम पर 15 लाख ठग लिए थे। पीड़ित को ठगी का एहसास तब हुआ, जब उसे पता चला कि जब इसी मकान का सौदा आरोपी दंपति ने बिलासपुर के आशीष टंडन और रायपुर मोहम्मद तौसीफ से भी कर लिया हैं। चंदन सिंह ने जब अपने पैसे वापस मांगे तो शुरू में उसे एसटी एससी एक्ट के तहत फसाने की धमकी दी गई। फिर बाद में जब उसने पुलिस के पास जाने के बात कहीं तो एक चेक दे दिया गया, जो बाउंस हो गया।
भरोसा..??
फिलहाल वह पैसे लौटाने से साफ इनकार कर रहा है और पीड़ित अपने जीवन भर की जमा पूंजी गावने के बाद पुलिस के इस रवैये से पीड़ित मानसिक रूप से परेशान है और अपने आप को हारा हुआ महसूस कर रहा है। सच हो यह प्रतीत हो रहा है कि जितना उसे उस आरोपी डॉक्टर दंपति ने ठगा, उससे कहीं ज्यादा कोतवाली पुलिस ने ठग दिया है! भले ही आप CRPC को BNS कर दो, मगर कानून के ऐसे कथित ठेकेदार नही बदले, तो कैसे लोगो को सरकार, संविधान, न्याय और कानून पर भरोसा होगा..??


