सक्ती जिले के करही गांव में उपसरपंच महेंद्र बघेल की हत्या के मामले में पुलिस ने पुरानी रंजिश और पंचायत फंड्स के दुरुपयोग को मुख्य वजह बताया है। 9 सितंबर 2025 तक जांच में शव बरामदगी और गिरफ्तारियों की पुष्टि हुई, जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
सक्ती, 9 सितंबर 2025। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के जैजैपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के बिर्रा थाना के अतंर्गत करही गांव में उपसरपंच महेंद्र बघेल की रहस्यमयी गुमशुदगी अब हत्या के रूप में सामने आई है। 6 सितंबर की रात से लापता बघेल का शव 48 घंटे बाद महानदी नदी से बरामद किया गया, जहां SDRF टीम ने डभरा क्षेत्र के साराडीह गांव के पास तलाश अभियान चलाया।
पुलिस जांच में पता चला कि सरपंच पति राजकुमार साहू ने बघेल को फोन कर घर बुलाया और शराब पार्टी के बहाने विवाद बढ़ाया। पुरानी रंजिश, दशहरा उत्सव के दौरान हुए झगड़े और पंचायत राशि के बंदरबांट को लेकर आरोपियों ने गला घोंटकर हत्या की, फिर शव और मोटरसाइकिल को बरेकेल पुल से महानदी में फेंका।
बिर्रा थाने में दर्ज गुमशुदगी रिपोर्ट के बाद पुलिस ने सरपंच पति समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल लिया, और ड्रोन कैमरे की मदद से शव की लोकेशन ट्रेस की गई। ग्रामीणों ने 7 सितंबर को बिर्रा चौक पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया, जिसे पुलिस ने शांत कराया।
शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, और पंचायत फंड्स के दुरुपयोग की गहन जांच की बात भी सामने आई है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है, जबकि गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है


