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तीन दिन बाद कांग्रेस का एक सिंबल कैसे बन गया अशोक चक्र..? क्यों है सबके निशाने पर उमेश पटेल..??

रायगढ़। रायगढ़ में इन दिनों नेता जमीन पर कम और सोशल मीडिया में ज्यादा एक्टिव नजर आते हैं। दोनों पार्टियों देखा जाए तो भाजपा की ट्रोल आर्मी ज्यादा सक्सेस दिखाई देती है। इस बार भाजपा की ट्रोल आर्मी के निशाने पर खरसिया विधायक उमेश पटेल है। दरअसल 16 सितंबर को ‘वोट चोर गद्दी छोड़ नारे’ के साथ छत्तीसगढ़ में वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत रायगढ़ जिले से हुई। किसी को उम्मीद नहीं थी कि हजारों की संख्या में कांग्रेसी सड़क पर उतर आएंगे,  और यह रायगढ़ जिले की ऐतिहासिक रैली साबित होगी।

इसे देखकर भाजपा की ट्रोल आर्मी भारी दबाव में थी। 16 तारीख बीत गई.. 17 तारीख भी बीत गई! फिर 18 तारीख की सुबह-सुबह.. तीन दिनों की काफी खोज पड़ताल के बाद उन्हें एक ऐसी बात मिली, जिसका बतंगड़ बनाया जा सकता था। इसे ही पॉलीटिकल स्टंट या राजनीतिक पैंतरा कहा जाता है। इस बार भाजपा के निशाने पर थे खरसिया विधायक और पूर्व मंत्री उमेश पटेल। कांग्रेस की इस ऐतिहासिक रैली का जिम्मा भी, उन पर था.. रैली भीसफल रही! तो ऐसे में निशाने पर भी वही थे। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस में नेतृत्व के लिए अंदरूनी कलह जोर मार रहा है। इसमें भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस के भी कुछ नेता भी लगे थे, और बाद में मामले को तूल देने के लिए उन्होंने माहौल भी बनाया।

दरअसल कांग्रेस की वोट अधिकार यात्रा में एक सिंबल का यूस किया गया है। जिसे रायगढ़ भाजपा वाले अशोक चक्र की संज्ञा दे रहे हैं। देखा जाए तो वही 30 – 40 आदमी, तीन प्रकार की कैप्शन और एक तस्वीर सोशल मीडिया में जमकर वायरल करने लगे। जिसमें उमेश पटेल गाड़ी के बोनट पर बैठे थे, बोनट पर वोटर अधिकार यात्रा का पोस्टर लगा हुआ था। बोनट पर वह पैर मोड कर बैठे थे, इसलिए उनका पर कांग्रेस के वोटर अधिकार यात्रा के सिंबल के ऊपर दिखा। भाजपा की ट्रोल आर्मी ने इस सिंबल को अशोक चक्र समझा और फिर उनपर राष्ट्रीय चिन्ह के अपमान का आरोप लगाया और भाजयुमों तो इस पर उमेश पटेल के खिलाफ कोतवाली पुलिस से देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने का आग्रह तक किया हैं।

कांग्रेस के सोशल मीडिया आर्मी भी मौके पर पहुंचकर कमेंट करना शुरू कर दिया। क्योंकि 3 दिन बाद किसी के गले नहीं उतर रही थी कि कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा का सिंबल को बीजेपी मीडिया आर्मी इस तरह हाईजैक कर लेगी। कई कई तरह के तर्क दिए जाने लगे जैसे अशोक चक्र के कलर में, उसकी शलाका… कांग्रेस जिलाध्यक्ष ग्रामीण  नगेन्द्र नेगी ने तो इस पर भाजपा पर भ्रम फैलाने को लेकर कानूनी कार्रवाई तक की बात कर दी।

सुबह से लेकर फेसबुक में पूरे जोर-जोर से उमेश पटेल की तस्वीर के साथ इस अशोक चक्र का अपमान बनाते हुए राष्ट्रीय अपमान बताने की पूरी कोशिश की जा रही है। सोशल मीडिया की दुनिया से बाहर निकल कर  भाजयुमो के कुछ पदाधिकारी इसे राष्ट्रीय अपमान बताते हुए उमेश पटेल के खिलाफ कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। अब देखना यह है कि रायगढ़ पुलिस को भी कांग्रेस का यह वोटर अधिकार यात्रा का सिंबल अशोक चक्र दिखाई देता है या नहीं..! अगर ऐसा हुआ तो अगली बार से कांग्रेस के झंडे पर भी सवाल उठ जाएगा, क्योंकि कांग्रेस के झंडे में भी राष्ट्रीय ध्वज की तरह काफी सिमिलरिटी है।

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