छत्तीसगढ़ में होने वाले राज्यसभा चुनाव (2026) के लिए भाजपा और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। 16 मार्च को होने वाली वोटिंग के लिए भाजपा ने कुर्मी समाज की लक्ष्मी वर्मा पर भरोसा जताया है, वहीं कांग्रेस ने अपनी मौजूदा सांसद फूलो देवी नेताम को फिर से मैदान में उतारा है।
खबर के मुख्य बिंदु:
- छत्तीसगढ़ की 2 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च 2026 को होगा मतदान
- भाजपा ने कुर्मी समाज की दिग्गज नेता लक्ष्मी वर्मा को बनाया अपना उम्मीदवार
- कांग्रेस ने बस्तर की आदिवासी नेत्री फूलो देवी नेताम पर फिर खेला दांव
- विधानसभा के संख्या बल (BJP-54, INC-35) के आधार पर दोनों को 1-1 सीट मिलना तय
पार्षद से राज्यसभा तक लक्ष्मी वर्मा का सफर
भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा मूलतः बलौदाबाजार जिले के सिमगा ब्लॉक की रहने वाली हैं। राजनीति में उनकी शुरुआत 1994 में रायपुर से पार्षद चुने जाने के साथ हुई थी और 2010 में वे रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष भी बनीं।
लक्ष्मी वर्मा की मनवा कुर्मी समाज में काफी गहरी पैठ है। दशकों तक संगठन में कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश उपाध्यक्ष तक की जिम्मेदारी संभालने का इनाम उन्हें अब राज्यसभा टिकट के रूप में मिला है।
कांग्रेस का फिर से फूलो देवी नेताम पर भरोसा
दूसरी तरफ, कांग्रेस ने किसी नए चेहरे की बजाय अपने पुराने और स्थानीय चेहरे पर ही दोबारा दांव लगाया है। वर्तमान राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को खत्म हो रहा है।
बस्तर की इस आदिवासी नेत्री की महिलाओं और स्थानीय राजनीति में मजबूत पकड़ मानी जाती है। नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने भी उन्हें दोबारा उम्मीदवार बनाए जाने पर बधाई देते हुए इसे बस्तर के लिए गर्व का विषय बताया है।
16 मार्च को वोटिंग, क्या कहते हैं आंकड़े?
छत्तीसगढ़ की दो राज्यसभा सीटों (केटीएस तुलसी और फूलो देवी नेताम के खाली हो रहे पद) के लिए 5 मार्च तक नामांकन होंगे। 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी और उसी दिन शाम को नतीजे आ जाएंगे।
विधानसभा के आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल 90 विधायकों में से भाजपा के पास 54 और कांग्रेस के पास 35 विधायक हैं। इस गणित को देखते हुए दोनों ही पार्टियों के खाते में एक-एक राज्यसभा सीट जाना लगभग तय माना जा रहा है।



