छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में स्कूली छात्राओं को तालिबानी सजा दी गई है। स्कूल का बालिका शौचालय गंदा रहने पर माध्यमिक स्कूल की कुछ छात्राओं ने गुरुवार को 20 बच्चों के हाथों पर गर्म तेल डाल दिया। घटना छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के माकड़ी विकासखंड के केरावाही माध्यमिक स्कूल की है।
इस घटना में पांच छात्राओं डिंपल दास, जामिला, मंजू, दीपिका व भूमिका के हाथों में छाले व फफोले पड़ गए। जांच दल ने शुक्रवार को बच्चों व शिक्षकों के बयान दर्ज किया। साथ तीन शिक्षक सहित अन्य कर्मियों को निलंबित करने की अनुशंसा की है।
एक दुसरे के हाथ मे गर्म तेल डालने की मिली सज़ा
बताया जा रहा है कि पहले जानकारी आई थी कि स्कूल की किसी टीचर ने बच्चों को एक दूसरे के हाथ में गर्म तेल की बूंदें डालने की सजा दी थी। इस घटना की भनक जैसे ही बच्चों के स्वजन को लगी, शिक्षा विभाग के कार्यालय तक शिकायत पहुंची और इससे हड़कंप मच गया।
जांच दल में शामिल माकड़ी बीईओ राजू साहू ने बताया कि अब तक की जांच में यह बात सामने आ रही है कि स्कूल के बालिका शौचालय के सामने प्रतिदिन कोई शौच कर जाता था। इस घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बच्चों ने यह तय किया कि दंड स्वरूप सभी के हाथ में गर्म तेल डाला जाए।
घटना की विस्तृत जांच की अनुशंसा की गई
स्कूल में 62 बच्चे पढ़ते हैं, जिसमें से 20 बच्चों के हाथ में मध्याह्न भोजन के वक्त गर्म तेल डाला गया। इसमें एक बालिका का हाथ गंभीर रूप से जल गया है। चार अन्य बालिकाओं के हाथ भी झुलसे हैं। घटना के वक्त स्कूल में प्रधान पाठक जोहरी मरकाम, शिक्षक एलबी पूनम ठाकुर व शिक्षक मिताली वर्मा सहित सफाईकर्मी व रसोइया उपस्थित थे। दल ने स्कूल अवधि के दौरान घटित हुई घटना के लिए तीनों शिक्षकों सहित स्कूल के अन्य कर्मियों को दोषी पाते हुए निलंबित करने व घटना की विस्तृत जांच की अनुशंसा करते हुए रिपोर्ट संयुक्त संचालक कार्यालय को भेज दी है।



