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रायगढ़ जिला अस्पताल कैम्पस बना दिनदहाड़े शराबियों का अड्डा! बीयर और शराब की बोतलों और इंजेक्शनों का अंबार

रायगढ़। रायगढ़ जिला अस्पताल साफ सफाई और अव्यवस्था को लेकर हमेशा चर्चा में रहा है। रायगढ़ जिला अस्पताल अपने परिसर में फैली आसपास की गंदगी और शराब खोरी को लेकर फिर चर्चा में आया है। रात के अंधेरे में शराबखोरी की बात समझ में आती है मगर यहाँ दिनदहाड़े शराबखोरी चल रही है। जहा तहा खाली शराब और बीयर की बोतलें बिखरी पड़ी हुई हैं.

रायगढ़ जिला अस्पताल कैम्पस बना दिनदहाड़े शराबियों का अड्डा! बीयर और शराब की बोतलों का अंबार

मीडिया कर्मी को देखकर भागे शराबी

दरअसल में जिला अस्पताल में किसी काम से गए मिडियाकर्मी की नजर अस्पताल परिसर में कुछ लोगो को खुले में शराब खोरी करते हुए देख लिया। जैसे ही पत्रकार महोदय ने कैमरा आन किया शराबी निकल गए लेकिन अपने द्वारा अस्पताल परिसर में फैलाई गई गन्दगी और खाली शराब की बोतले छोड़ गए। इसके बाद और तफ्तीश करने पर अस्पताल परिसर के दूसरे जगहों में भी भारी मात्रा में शराब की खाली बोतलें देखने को मिली। यह सब देखने के बाद साफ जाहिर है कि यहाँ का प्रबंधन कितना गंभीर है ?

खाली शराब की बोतले

अस्पताल परिसर के अंदर शराबियों का लगता है जमावड़ा

जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की बिल्डिंग में एमरजेंसी समेत महिला आदि से सम्बंधित विभाग है. वहीं, अधीक्षक आदि का सरकारी दफ्तर का कमरा भी यहीं है. इसके अलावा संयुक्त अस्पताल में दिन में ओपीडी चलती है. शाम ढलते ही ये संयुक्त अस्पताल मरीजों के स्थान पर शराबियों का अड्डा बन जाता है. जिसका प्रमाण है ये वीडियो! जिसमे परिसर में खाली पड़ी शराब की बोतलें और गिलास के अलावा फेंकी गई खाली बोतले है. उसके आलावा अस्पताल की नालियों में इंजेक्शन का भंडार भरा हुआ है। जिसे खुल्ले में फेंका जाता रहा है। यह सब कुछ प्रबंधन की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है।

नालियों में इंजेक्शन

हालात देखकर ऐसा लगता है मानों यहां कोई व्यक्ति अपनी बीमारी का इलाज कराने आएगा तो वह अपने साथ या तो नई बीमारी या फिर शराबियों अथवा असमाजिक तत्वों से कोई विवाद साथ लेकर ही जाएगा। कही ऐसे में कोई बड़ी बीमारी न आ जाए सामने। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि लापरवाह अस्पताल प्रबंधन अस्पताल परिसर की उचित साफ सफाई करवाने के अलावा परिसर के अंदर जारी असमाजिक तत्वों की सक्रियता पर लगाम लगाए। क्युकी यहां तस्वीरों में बिलकुल साफ साफ दिखाई दे रहा है कि अस्पताल की नालियों में इंजेक्शन कई दिनों से फेकी जा रही है। साथ ही कई महीने से अस्पताल परिसर में खुले आम शराब खोरी की जा रही है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आर एन मंडावी

वीडियो देखने के बाद इस बारे में रायगढ़ जिला के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आर एन मंडावी ने बताया कि

एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पीडब्ल्यूडी और सीजीएमएससी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने 3 साल पहले ही अस्पताल की बिल्डिंग को कंडम घोषित कर दिया है। यह मरीज और मानव के उपयोग के लायक नहीं रह गया है। केजीएफ को फिलहाल दैनिक वार्ड और सर्जरी को फर्स्ट फ्लोर में चलाया जा रहा है। जिस जगह पर गंदगी और शराब की बोतले हैं। वह जगह रात अंधकार में रहता है। संभव है कि रात में सामाजिक तत्व वहां मदिरापान कर शराब की बोतल फेंक देते होंगे। इस बारे में संज्ञान लेते हुए वहां पर सिक्योरिटी गार्ड रखा जाएगा और जिस सिक्योरिटी गार्ड के लापरवाही होगी उसे पर कार्रवाई की जाएगी।”

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