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छत्तीसगढ़ में आदिवासी के विकास और शराबबंदी पर क्या बोले गए अपनी पहली प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री…

रायपुर: छत्तीसगढ़ में विष्णु कैबिनेट की पहली बैठक का आयोजन किया गया। बीजेपी ने प्रदेश में विपक्ष में रहने के दौरान आवास को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया। अपने घोषणा पत्र जिसे मोदी की गारंटी का नाम दिया था. उसमें आवास, किसानों का बकाया 2 साल पुराना बोनस, महिलाओं के लिए प्रति माह 1 हजार रुपए देने की बात कही थी।

आज हुए कैबिनेट के बैठक में भी आवास पर ही सबसे पहले चर्चा की गई और बैठक के दौरान 18 लाख प्रधनमंत्री आवास के लिए मंजूरी दी गई। साथ ही 25 दिसंबर को किसानों के बकाया 2 साल का बोनस भी किसानों के खाते में डालनें की बात कही गई।

आदिवासी विकास और शराबबंदी के बारे में

आदिवासी मुख्यमंत्री होने के नाते प्रदेश में आपके आदिवासियों के विकास के लिए रोड मैप के सवाल पर मुख्यमंत्री ने गोलमोल जवाब दिया और पिछली सरकार और वर्तमान केंद्र की सरकार की योजनाओं को ही काफी बताया।

साय ने कहा की पुर्व की सरकार आदिवासियों के अहित वाली सरकार थी, केवल भारतीय जनता पार्टी ही आदिवासियों के हित में सोचती है। कांग्रेस के सरकार के समय में भुखमरी होती थी। उनको कोदो, कुटकी जैसे मोटे अनाज को खाकर जीना पड़ता था, महुआ उबालकर पीते थे, तो कभी उपवास रहना पड़ता था। भाजपा की राज्य में पूर्व की 15 साल की सरकार ने ₹3 किलो से ₹1 किलो तक अनाज दिया। इसका फायदा भी आदिवासियों को मिला है। आज कहीं भुखमरी नहीं है, यही आदिवासियों के लिए बहुत बड़ी बात है। पत्रकारों के शराबबंदी वाले सवाल पर तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुरा कर चुप्पी साध ली ।

दरअसल नवा रायपुर में आयोजित नए सरकार की पहली कैबिनेट की बैठक का आयोजन किया गया. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, द्वय उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा के साथ प्रशानिक अमला मौजूद रहा।

देखिए प्रेस कॉन्फ्रेंस का पूरा वीडियो

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