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JSPL के ख़िलाफ़ रायगढ़ में सोशल मीडिया से लेकर अखबारों तक दिख रहा विरोध! आम आदमी.. नेता.. पत्रकार.. कांग्रेस.. बीजेपी..! जोर पकड़ रही है डायरेक्टर सब्यसाची के खिलाफ कार्रवाई की मांग..! देखें रिपोर्ट..

रायगढ़। 21 दिसंबर के दिन जिंदल स्टील एंड पावर में हड़ताली मजदूरों के साथ बर्बरता पूर्वक मारपीट की गई थी। इस घटना में पुलिस ने जिंदल के चार सुरक्षा कर्मियों पर FIR दर्ज कर रिमांड में जेल भेज दिया है। हड़ताल खत्म हो गई हैं। मजदूर अपने काम पर भी जा रहे हैं। लेकिन इस मारपीट कांड से जिंदल कंपनी की बहुत किरकिरी हुई है। सोशल मीडिया हो जाए अखबार जिंदल के खिलाफ लोगों में गुस्सा साफ दिख रहा है।

भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष विनायक पटनायक और महामंत्री प्रवीण द्विवेदी और सूरज शर्मा की संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में जिंदल के ED के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।

लोगो मे गुस्सा हैं.. आम जनता से लेकर सोशल वर्कर, नेता, विधायक सभी ने इसकी कड़ी निंदा की है और अब तो बात जिंदल के नए ED सब्यसाची बंदोपाध्याय के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की जा रही है। खासकर कांग्रेस और भाजपा के दोनों की युथ विंग इस पूरे मामले में सिर्फ चार सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ FIR से संतुष्ट नहीं है। उनकी मांग है कि इस मामले में जिम्मेदार बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि यह बात किसी के पलड़े नहीं पड़ रही है कि बिना किसी उच्च अधिकारी के आदेश से इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया गया है..?? कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिर्फ 4 सिक्योरिटी गार्ड पर पुलिस कार्रवाई को महज खानापूर्ति माना जा रहा है।

भाजपा नेता अंशु टुटेजा ने युवाओं से आह्वान किया है कि मजदूरों के हक में हर चौक चौराहे पर विरोध प्रदर्शन होना चाहिए।

फिलहाल यह मामला ठंडा होता दिखाई नहीं दे रहा है। जिस प्रकार से रोज इस मामले में लोगों प्रतिक्रिया आ रही है। उससे तो तय है कि आने वाले समय मे यह अपने एक बड़े स्वरूप में दिखाई देगा।

रायगढ़ जिला कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने मजदूरो के साथ हुई मारपीट को गलत बताया है और इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

मजदूरों के साथ हुई मारपीट की घटना से आक्रोशित भाजपा युवा नेता अंशु टूटेजा ने अपने साथियों के साथ ढीमरापूर चौक पर जिंदल के चेयरमैन नवीन जिंदल का पुतला फुका था।
रायगढ़ विधायक और मंत्री ओपी चौधरी भी मारपीट की घटना से आहत थे और इसकी निंदा करते हुए उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की बात कही थी।
कांग्रेस की यूथ विंग के अध्यक्ष आरिफ हुसैन ने इस बर्बरतापूर्ण मारपीट से नाराज थे और इस मामले में अपने युवा साथियों के साथ मिलकर जिंदल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
सोशल एक्टिविश लक्ष्मीकांत दुबे ने इस घटना के बाद इस पर अपना आक्रोश व्यक्त किया था और इस पर मारपीट करने वाले सिक्योरिटी गार्ड्स पर ही नहीं बल्कि इसके लिए जिम्मेदार प्रबंधन पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
अखलाख खान ने इसे लोकल लोगों के साथ मारपीट को लेकर अपना रोष प्रकट किया था।
पत्रकार संतोष पुरुषवानी भी मारपीट की घटना से नाराज दिखे। उनका कहना था कि जिंदल गार्ड्स की मनमानी चरम पर है। अब वह कानून हाथ मे लेकर प्रशासन को ठेंगा दिखा रहे हैं।
पार्षद मुक्ति प्रसाद ने इस पर बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज को अमानवीय घटना बताया और कहा कि इसकी जितनी निंदा की जाए कम है!इसके लिए रायगढ़ के लोग उग्र प्रदर्शन करने को भी तैयार हैं।

फिलहाल ऐसी कई बातें हर जगह हो रही है। सबको दिखा पाना संभव नहीं है.. फिलहाल जब तक इस मामले में कोई बड़ी कार्यवाही नहीं होती.. जांच नहीं होती! तब तक जिंदल के खिलाफ यह चिंगारी बुझती हुई तो नहीं दिखती। सोशल मीडिया और अखबारों में इस तरह की कई बयान आपको रोज देखने को मिलेंगे।

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