रायगढ़। 21 दिसंबर के दिन जिंदल स्टील एंड पावर में हड़ताली मजदूरों के साथ बर्बरता पूर्वक मारपीट की गई थी। इस घटना में पुलिस ने जिंदल के चार सुरक्षा कर्मियों पर FIR दर्ज कर रिमांड में जेल भेज दिया है। हड़ताल खत्म हो गई हैं। मजदूर अपने काम पर भी जा रहे हैं। लेकिन इस मारपीट कांड से जिंदल कंपनी की बहुत किरकिरी हुई है। सोशल मीडिया हो जाए अखबार जिंदल के खिलाफ लोगों में गुस्सा साफ दिख रहा है।

लोगो मे गुस्सा हैं.. आम जनता से लेकर सोशल वर्कर, नेता, विधायक सभी ने इसकी कड़ी निंदा की है और अब तो बात जिंदल के नए ED सब्यसाची बंदोपाध्याय के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की जा रही है। खासकर कांग्रेस और भाजपा के दोनों की युथ विंग इस पूरे मामले में सिर्फ चार सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ FIR से संतुष्ट नहीं है। उनकी मांग है कि इस मामले में जिम्मेदार बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि यह बात किसी के पलड़े नहीं पड़ रही है कि बिना किसी उच्च अधिकारी के आदेश से इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया गया है..?? कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिर्फ 4 सिक्योरिटी गार्ड पर पुलिस कार्रवाई को महज खानापूर्ति माना जा रहा है।

फिलहाल यह मामला ठंडा होता दिखाई नहीं दे रहा है। जिस प्रकार से रोज इस मामले में लोगों प्रतिक्रिया आ रही है। उससे तो तय है कि आने वाले समय मे यह अपने एक बड़े स्वरूप में दिखाई देगा।







फिलहाल ऐसी कई बातें हर जगह हो रही है। सबको दिखा पाना संभव नहीं है.. फिलहाल जब तक इस मामले में कोई बड़ी कार्यवाही नहीं होती.. जांच नहीं होती! तब तक जिंदल के खिलाफ यह चिंगारी बुझती हुई तो नहीं दिखती। सोशल मीडिया और अखबारों में इस तरह की कई बयान आपको रोज देखने को मिलेंगे।



