रायगढ़। रामलला प्राण प्रतिष्ठा राम उत्सव पुरे रायगढ़ में दीपावली की तरह मनाया जा रहा है. पूरा शहर सुबह से ही भगवामय हो गया था. दिनभर हर मंदिर चौक चौराहो पर पूजन भजन भंडारा चला. शाम होते ही रामलला के स्वागत में हर घर दीपक जलाये गये है. पटाखे और अतिसबाजिया की गयी.

इस ख़ुशी में शाम को गणेश तालाब में दीपदान किया गया। इस दौरान रंग बिरंगी लाइटों और 3000 दीपों की रोशनी से गणेश तालाब जगमगा उठा। रंगीन रोशनियों के बीच पानी का फव्वारा और उसपर समस्त परिसर में एक के बाद एक श्रृंखला में दियों का जलना सबके लिए आकर्षण का केंद्र था। यह नजारा था रामलाल प्राण प्रतिष्ठा रामोत्सव के तहत दीपदान गणेश तालाब का।

यहां पाथवे के दोनों ओर दिए सजाए गए थे। शाम 6:00 बजे के बाद सभी दिए को जलाने का सिलसिला शुरू हुआ। एक तरफ लाइन से जब दिए को जलाया गया तो यह नजारा देखते ही बनती थी।

तालाब के बीच में रंग-बिरंगी रोशनी से समाहित झोपड़ी का प्रतीकात्मक स्वरूप सभी के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। यह दृश्य “राम आएंगे तो मेरी झोपड़ी के भाग खुल जाएंगे” गीत को सार्थक कर रही थी।

गणेश तालाब में उपस्थित जन-जन हर्षो उत्साहित और रोमांच महसूस कर रहे थे। पूरे तालाब परिसर में रंगीन, रंग बिरंगी लाइट अपनी रोशनियां बिखेर रही थी। इन रंगीन रोशनियों के बीच दीपों की रोशनी सोने पर सुहागा था।
पाथवे के बीच में 300 से ज्यादा दिनों से जय श्री राम लिखा गया था, जो सभी के लिए आकर्षण का केंद्र था। कार्यक्रम में उपस्थित हर कोई रोमांचित महसूस कर रहे थे। दीपदान कार्यक्रम में शहर के लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया।



