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@वीडियो: रायगढ़ पुलिस का गजब इंसाफ! देर रात महिला के घर घुसकर बलात्कार! आरोपी फरार! हफ्ते भर से दर्ज नहीं हुई FIR! अब क्या CM करेंगे उद्धार..??

  • जुटमिल थाना महिला संबंधी अपराधों के लिए फिर कटघरे में
  • एक मामले में सप्ताह भर बाद भी दर्ज नहीं हुई अनाचार पर एफआईआर,
  • दूसरे मामले में पत्नी की नग्न तस्वीरों को वायरल करने वाले पति को दो माह पहले ही जूटमिल पुलिस ने दे दिया अभयदान…

रायगढ़। महिला संबंधित अपराध में गंभीरता और संवेदना का दम भरने वाली रायगढ़ पुलिस खुद कटघरे में खड़ी है। देर रात एक महिला के साथ घर घुसकर बलात्कार जैसी घिनौनी घटना को अंजाम दिया जाता है और पीड़िता इंसाफ के लिए थाने जाती है.. तो उसे हफ्ते भर चक्कर लगवाए जाते हैं। आलम यह है कि जिस पुलिस को पीड़िता के साथ खड़ा होना था। अब वह आरोपी के साथ खड़ी है। पीड़िता को इंसाफ के लिए मुख्यमंत्री का ही सहारा है। यह पूरा मामला हमेशा से विवादित रहे जुटमिल थाना का है।

इस संबंध में पीड़िता से प्राप्त जानकारी के अनुसार उसने सप्ताह भर पूर्व पुलिस थाना जूटमिल में अपने साथ हुए अनाचार की शिकायत की थी। जिसमें उसने नामजद आरोपी धर्मेन्द्र सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

पीड़िता ने बताया कि जब उसके पति काम पर गए हुए थे। तब उक्त आरोपी धर्मेंद्र सिंह ने रात के लगभग 2 बजे दरवाजा खटखटाया और जब पीड़िता ने यह समझकर दरवाजा खोला कि उसके पति आए होंगे तो आरोपी जबरन घर में प्रवेश कर गया और चाकू की नोक पर जबरन पीड़िता से अनाचार किया।

इस घटना की शिकायत करने पर पुलिस उल्टा पीड़िता को ही कटघरे में खड़ा कर रही है। इस संबंध में जब हमारी चर्चा जूटमिल थाना प्रभारी से हुई तो उन्होंने बताया कि पीड़िता आरोपी से शादी की मांग कर रही है,

वहीं पीड़िता का कहना है कि पुलिस आरोपी पक्ष से मिली हुई है, इसलिए आरोपी को बचाने के लिए मुझ पर ऐसा आरोप पुलिस की ओर से लगाया जा रहा है।

जबरन अनाचार की घटना को पुलिस प्रेम संबंध साबित करने का कर रही प्रयास

पीड़िता व उसके पति की मानें तो पुलिस वास्तविक घटना से हटकर अपराधी को बचाने के लिए मनगढंत आरोप लगा रही है, पुलिस का काम शिकायत पर कार्रवाई करना है, लेकिन इस मामले में पुलिस स्वयं को आरोपी पक्ष के रूप में प्रस्तुत करती हुई दिख रही है।

एक अन्य मामले में जूटमिल थाना प्रभारी ने किया पीड़िता को गुमराह

इसी प्रकार एक अन्य मामले में भी पुलिस थाना प्रभारी रामकिंकर यादव की भूमिका आरोपी पक्ष को बचाने की रही है। घटनाक्रम को देखकर ऐसा कोई भी कह सकता है। इस मामले में पीड़िता ने अक्टूबर 2023 में थाना प्रभारी जूटमिल से अपने ही पति की गंभीर शिकायत की गई थी। जिसमें बताया गया था कि पीड़िता के पति ने उसकी नग्न तश्वीरों को सोसल मीडिया में वायरल करते हुए न केवल उसे बदनाम किया है बल्कि उससे ब्लैकमेलिंग भी कर रहा है। पूरे सबूतों को थाना प्रभारी को देने के बाद जूटमिल पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज किया और आरोपी का मोबाईल नंबर मांगा और यह कहा कि आप जाईये, हम आरोपी का बयान लेकर यह एफआईआर दर्ज कर देंगे।

कुछ दिनों बाद पीड़िता ने जब एफआईआर की काॅपी मांगी तो उससे कहा गया कि उसकी शिकायत पर से जीरो नंबर पर एफआईआर दर्ज कर उसे ओड़िसा थाने में भेज दिया गया है।

2 माह बाद भी जब उक्त एफआईआर के संबंध में कोर्ट से कोई नोटिस नहीं आई तो पीड़िता को जूटमिल पुलिस पर संदेह हुआ और उसने दिनांक 29/01/2024 को फिर से जूटमिल थाने में पूछताछ की तब पता चला कि उसकी शिकायत पर पीड़िता के बयान तो दर्ज कर लिए गए लेकिन आज दिनंाक तक एफआईआर नहीं हुई। उक्त स्थितियों को देखकर यही लग रहा है कि इस शिकायत पर भी जूटमिल पुलिस ने स्वयं को आरोपी पक्ष के रूप में मानते हुए एफआईआर दर्ज नहीं किया है।

क्या कहते हैं थाना प्रभारी यादव

उक्त दोनों शिकायतों के संबंध में जूटमिल थाना प्रभारी रामकिंकर यादव ने बताया कि अनाचार की शिकायत जरूर हुई है लेकिन पीड़िता आरोपी से शादी कराने की मांग कर रही है, पुलिस शादी तो नहीं करा सकती है। वहीं दूसरे मामले में थाना प्रभारी का कहना है कि पीड़िता की नग्न तश्वीरें पति द्वारा वायरल करने की शिकायत उन्हें मिली थी, जिस पर उन्होंने अपराध दर्ज नहीं किया है, बल्कि शिकायत पत्र को ही ओड़िशा भेज दिया है।

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