बीजापुर, छत्तीसगढ़: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इन दिनों छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी के दर्शन किए और पूजा अर्चना की।

उनके दौरे के दौरान नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई के बीच तेलंगाना से एक बड़ी खबर सामने आई है। 86 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 66 पुरुष और 20 महिलाएं शामिल हैं।

एक साथ 86 नक्सलियों का आत्मसमर्पण
मिली जानकारी के अनुसार, तेलंगाना के भद्राद्री कोठागुडेम मल्टी जोन-1 IG के सामने नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इस आत्मसमर्पण में छत्तीसगढ़ से भी कई नक्सली शामिल हैं। ऑपरेशन चेयुथा के तहत यह बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण हुआ, जिससे माओवादी संगठन को करारा झटका लग सकता है। 86 नक्सलियों का एक साथ सरेंडर करना माओवादियों के लिए एक बड़ा धक्का है, और इससे सुरक्षा बलों की माओवादी विरोधी कार्रवाई में सफलता की उम्मीद बढ़ गई है।
अमित शाह का बयान: 2026 तक खत्म होगा नक्सलवाद
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पहले ही घोषणा की थी कि 31 मार्च 2026 तक देश के सभी हिस्सों से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद से छत्तीसगढ़ और अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षाबलों द्वारा लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। इन ऑपरेशनों के दौरान कई बड़े नक्सली नेताओं को ढेर किया गया है, और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है।
आत्मसमर्पण का महत्व
इस आत्मसमर्पण का माओवादियों के लिए बड़ा प्रतीकात्मक महत्व है, क्योंकि यह दर्शाता है कि नक्सलवादी संगठन अब पहले जैसी स्थिति में नहीं है। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सरकार की सख्ती से नक्सली संगठन कमजोर हो रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए सरकार की ओर से पुनर्वास और मुख्यधारा में लौटने के लिए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उनका जीवन बेहतर बन सके।
इस घटनाक्रम को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि सुरक्षाबलों और सरकार की संयुक्त कार्रवाई से नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का यह दावा, कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाएगा, अब हकीकत के करीब आता नजर आ रहा है।



