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सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला ‘जलाभावग्रस्त’ घोषित: 31 जुलाई तक बोर खनन पर रोक

सारंगढ़-बिलाईगढ़: गर्मी के मौसम में पेयजल का संकट न गहराए, इसे देखते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को 1 मार्च से 31 जुलाई 2026 तक के लिए ‘जलाभावग्रस्त क्षेत्र’ घोषित कर दिया गया है। इस अवधि में बिना एसडीएम की लिखित अनुमति के किसी भी तरह का नया नलकूप (बोर) खनन प्रतिबंधित रहेगा।

खबर के मुख्य बिंदु:

  • 1 मार्च से 31 जुलाई तक पूरे जिले में नए नलकूप (बोरवेल) खनन पर रोक।
  • कृषि या निजी काम के लिए बोर कराने से पहले एसडीएम से लेनी होगी लिखित अनुमति।
  • नियम तोड़ने वाले व्यक्ति या बोर खनन एजेंसी के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई।
  • पीएचई (PHE) और नगरीय निकायों को पेयजल के लिए बोर कराने की छूट।

परमिशन के बिना मशीन उतारी तो दर्ज होगा केस

कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत यह आदेश जारी किया है। इसके तहत अब जिले के किसी भी शहरी या ग्रामीण इलाके में निजी तौर पर बोर खनन करने से पहले संबंधित क्षेत्र के एसडीएम (सारंगढ़ या बिलाईगढ़) से अनुमति लेना अनिवार्य है।

अगर कोई व्यक्ति या एजेंसी बिना परमिशन के बोर मशीन चलाते पाया गया, तो मशीन जब्त करने के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। हालांकि, सरकारी विभागों (जैसे पीएचई) को केवल पेयजल व्यवस्था के लिए बोर कराने की छूट दी गई है।

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