सारंगढ़ बिलाईगढ़। जिले में इन दिनों भटगांव नगर पंचायत में कांग्रेसी खेमे में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे के सियासी तेवर से नाराज भटगांव नगर पंचायत के अध्यक्ष नर्मदा अमित कौशिक, उपाध्यक्ष प्रवेश दुबे, दो एल्डरमैन समेत कांग्रेस के पार्षदों ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है अपना इस्तीफा उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा है।
क्यों है नाराजगी
दरअसल बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के द्वारा नगर पंचायत भटगांव में एक व्यावसायिक परिसर में भ्रष्टाचार को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया था। आपको पता दे की नगर पंचायत भटगांव में अध्यक्ष उपाध्यक्ष सभी कांग्रेसी हैं और इन पर ही भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। अध्यक्ष उपाध्यक्ष समिति कुछ पार्षद कांग्रेसी विधायक के इस कार्य को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया और कांग्रेसी विधायक के खिलाफ अपनी पार्टी के विरुद्ध काम करने, उन्हें बदनाम करने और कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने का लगाकर कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दे दिया।
इन्होंने छोड़ी पार्टी
नगर पंचायत भटगांव के अध्यक्ष नर्मदा अमित कौशिक, उपाध्यक्ष प्रवेश दुबे ने बताया कि, आज पार्षद सुख बाई नारंग, लक्ष्मीकांत देवांगन, इंद्रा केशरवानी, दुष्यंत नारंग, ईश्वर केवंट, पूर्व एलडरमेन दिलहरण साहू, सुधराम यादव के साथ सरपंच टेढ़ीभद्रा प्रेम कुमारी नारंग और अन्य कांग्रेस के कार्यकर्ता के साथ हमने अपना इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरुण मालाकार और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भागवत साहू को व्हाट्सएप के जरिए भेज दिया है। हमारे सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के ऊपर कांग्रेस से ही विधायक कविता प्राण लहरे ने भ्रष्टाचार का झूठा आरोप लगाते हुए चक्काजाम कर हमारे मान -सम्मान को ठेस पहुंचाया है। इसी वजह से हमने इस्तीफा दिया है।
पार्टी विशेष के लिए नहीं जनता के हित के लिए लड़ाई लड़ रही हूं- विधायक
इस बारे में विधायक कविता प्राण ने अपना आक्रामक रवैया बरकरार रखा है। मीडिया को दिए बयान में उन्होंने कहा है कि
बीते 5 जुलाई को मैं आंदोलन रखी थी। जो नगर पंचायत भटगांव में व्यावसायिक परिसर में हुए भ्र्ष्टाचार को लेकर किया गया था। पब्लिक के माध्यम से मुझे जनाकारी मिली थी कि आये दिन व्यावसायिक परिसर में भ्रस्टाचार किया जाता है। जिसको लेकर मैन कलेक्टर, SDM के अवगत भी कराया था, लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई। जिस कारण हमें मजबूरन आन्दोल करना पड़ा। यह आंदोलन जनता के हित के लिए है,कोई पार्टी विशेष के लिए नहीं। जनता के हित के लिए लड़ाई लड़ रही हैं। व्यावसायिक परिसर आम जनता के लिए बना है। वह कोई राजनेता के राज करने के लिए नहीं बना है। SDM ने हमें आश्वासन भी दिया है कि 3 दिन में जांच रिपोर्ट देंगे। जांच के बाद पता चलेगा कि इस भ्रष्टाचार में कौन शामिल है। जो शामिल होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
फिलहाल यह कांग्रेस का अंदरूनी कलह और गुटबाजी किसी भी एंगल से शांत होते नहीं दिख रही और ना ही इस मामले में संगठन के बड़े नेता कोई खास दिलचस्पी दिखा रहे हैं। फिलहाल सारंगढ़ कांग्रेस में वर्चस्व की लड़ाई और भी दिलचस्प हो गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि जिन लोगों ने इस्तीफा दिया है, बहुत जल्दी भाजपा में शामिल हो सकते हैं।



