जशपुरनगर, 16 अप्रैल: पत्थलगांव में एक युवा व्यापारी पर की गई खौफनाक केमिकल अटैक की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। अमन अग्रवाल पर जलता हुआ केमिकल फेंकने वाले फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि खुद एक व्यापारी निकला – जिसने पुराने लेन-देन के विवाद को आग और केमिकल से सुलझाने की सोची थी!
5 अप्रैल की वो रात, जब मौत ने दस्तक दी…
रात करीब 9:30 बजे अमन अग्रवाल जब अपनी दुकान से घर लौट रहा था, तभी एक अज्ञात बाइक सवार ने उसके ऊपर मिट्टी तेल जैसी गंध वाला ज्वलनशील पदार्थ फेंका और फिर जलती हुई वस्तु फेंककर उसे आग के हवाले करने की कोशिश की। संयोग से अमन बाल-बाल बच गया, लेकिन शहर में सनसनी फैल गई।
जांच की परतें और आरोपी की पहचान
पुलिस ने BNS की धारा 109(1) के तहत मामला दर्ज किया और जब CCTV फुटेज में कुछ खास नहीं मिला, तब शक की सुई पुराने कारोबारी दुश्मन चंकी गुप्ता की ओर घूमी। गुप्ता, जो रायगढ़ के कापू का रहने वाला है, घटना के बाद से फरार था।

14 अप्रैल को मुखबिर की सूचना और तकनीकी विश्लेषण के जरिए पुलिस ने उसे धर दबोचा। पूछताछ में चंकी ने कबूला कि उसने फरवरी में हुए विवाद का बदला लेने के लिए ही यह खतरनाक प्लान रचा।
‘बजाज पल्सर’ और केमिकल के डिब्बे ने खोला राज
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वह पल्सर बाइक और मिट्टी तेल जैसी गंध वाला केमिकल डिब्बा भी बरामद कर लिया, जिससे वारदात को अंजाम दिया गया था।
पुलिस की प्रोफेशनल प्लानिंग – आरोपी की चाल ढेर
थाना प्रभारी विनीत पांडे और उनकी टीम – उप निरीक्षक अर्जुन यादव, पदुम वर्मा, वीरेंद्र यादव, चंद्रशेखर सिंह और सलीम कुजूर – की सटीक योजना और कड़ी मेहनत ने इस वारदात की परतें खोल दीं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि आरोपी ने हमला बेहद प्लानिंग से किया था, लेकिन पुलिस की टेक्निकल और साइकोलॉजिकल पूछताछ के आगे उसकी सारी चालें नाकाम हो गईं।
सबक – व्यापार में विवाद हो सकता है, लेकिन ‘जहर’ का जवाब कानून देगा!
यह मामला न सिर्फ पत्थलगांव बल्कि पूरे जिले के लिए एक चेतावनी है – कानून की नजर से कोई भी बच नहीं सकता, चाहे योजना कितनी भी शातिर क्यों न हो।


