छोड़कर सामग्री पर जाएँ

रायगढ़ पुलिस का सनसनीखेज खुलासा:  मां-बेटी की डबल मर्डर मिस्ट्री 48 घंटे में सुलझी, पड़ोसी दुकानदार निकला खूनी!

रायगढ़, 17 अप्रैल: रायगढ़ के पुसौर थाना क्षेत्र से आई खौफनाक खबर ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। संवरा पारा में 50 वर्षीय उर्मिला संवरा और उसकी 24 वर्षीय बेटी पूर्णिमा की निर्मम हत्या कर दी गई। दोनों के शव पड़ोसी के निर्माणाधीन मकान के मलबे में छिपाकर रखे गए थे। लेकिन इससे भी बड़ा झटका तब लगा, जब इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा हुआ—हत्यारा कोई और नहीं, बल्कि उन्हीं के घर के पास किराना चलाने वाला शुभम सेठ निकला!

मां बेटी की लाश

ताबड़तोड़ वार, मलबे में छुपाए शव और फिर रायपुर भागा आरोपी!
14 अप्रैल की रात, शुभम ने एक खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। लकड़ी के खुरे और बैट के साथ वह छत के रास्ते घर में घुसा और सो रही पूर्णिमा पर हमला कर दिया। बीच-बचाव में आई मां उर्मिला भी बर्बरता का शिकार हो गईं। दोनों की हत्या के बाद आरोपी ने शवों को पास के मकान में छुपा दिया और सारे खून के निशान मिटाकर जनशताब्दी ट्रेन पकड़कर रायपुर फरार हो गया।

आरोपी दुकानदार शुभम

तकनीक, टीमवर्क और ताबड़तोड़ कार्रवाई ने खोला राज
आईजी डॉ. संजीव शुक्ला और एसपी दिव्यांग पटेल के नेतृत्व में पुलिस ने सीसीटीवी, कॉल डिटेल और फॉरेंसिक जांच से हर कड़ी को जोड़ा और महज 48 घंटे में आरोपी को धरदबोचा। पुलिस ने आरोपी से खून से सने कपड़े, खुरा, बैट और अन्य अहम सबूत जब्त किए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा करती रायगढ़ पुलिस

पड़ोस की किराना दुकान से कत्ल की कहानी तक
20 साल का शुभम, जो रोज मोहल्लेवालों को किराने का सामान देता था, खुद ही मौत का सौदागर बन गया। पूछताछ में उसने बताया कि मां-बेटी से उसका पुराना विवाद चल रहा था, जिससे गुस्से में आकर उसने खौफनाक कदम उठाया।

पुलिस की फुर्ती ने बचाई और भी जिंदगियाँ
वरिष्ठ अधिकारियों के कुशल नेतृत्व में पुसौर थाना टीम ने इस जघन्य हत्याकांड का चौंकाने वाला खुलासा कर दिया। रायगढ़ पुलिस की ये कार्रवाई न सिर्फ तेज, बल्कि एक मिसाल बन गई है।

ख़बर शेयर करें: