रायगढ़। रायगढ़ जिले के ग्रामीण एनएसयूआई जिला अध्यक्ष सतपुरुष महर्षि ने छाल SECL खदान के सामने आत्मदाह की कोशिश की। बताया जा रहा है कि महर्षि के ऊपर खदान के सुरक्षा कर्मियों ने लोहा चोरी का आरोप लगाया था और उनके साथ कथित मारपीट भी हुई थी। सोशल मीडिया में यह खबर वायरल हुई थी। जिसके बाद से वह काफी दुखी थे।
मामला रविवार का है। अपने ऊपर लगे लोहा चोरी और कथित मारपीट को लेकर महर्षि छाल SECL खदान के सामने अपने साथियों के साथ धरने पर बैठ गए और आत्मदाह के लिए अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। प्रबंधन द्वारा जैसे तैसे कर उन्हें रोका गया।
बताया जा रहा है कि यह मामला थाने भी पहुंचा था। जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हुआ। इसको लेकर खदान प्रबंधन में एक लिखित बयान जारी किया गया। जिसमें उन्होंने पूरी घटना का जिक्र करते हुए महर्षि एवं उनके साथियों को कथित चोरी के आरोप मैं जांच के बाद क्लीन चिट देने की बात कही और इस घटना को लेकर खेद व्यक्त किया।
खदान प्रबंधन द्वारा मामले को लेकर बताया गया कि
दिनांक 14.06.2024 को छाल खदान अंतर्गत सुरक्षा व्यवस्था देख रहे है त्रिपुरा रायफल के जवानों द्वारा दो व्यक्तियों को कांटाघर के पास खेदापाली में स्क्रेप लोहा ईकट्ठा करते हुए देखने पर चोरी करने का संदेह होने से अभिरक्षा में लेकर पुछताछ किया जा रहा था। इसी दौरान सतपरुष महर्षि द्वारा मौके पर आकर त्रिपुरा रायफल के जवानो के समक्ष दोनो स्थानिय व्यकितयों के संबंध में उनका पक्ष रखना चाहा किन्तु, किन्ही कारणों से दोनो पक्षो के मध्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, किन्तु बाद में जांच करने पर यह तथ्य साबित हुआ कि ना तो सतपरुष महर्षि और न ही अन्य दोनो लडके चोरी करने की नियत से मौके पर लोहे को एकत्रित कर रहे थे बल्कि लोहे के टुकड़ों के कारण तिरपाल बांधने में आने वाली दिक्कतों के कारण उन्हे सुरक्षा की दृष्टिकोण से हटा रहे थे। अतः सतपरुष महर्षि एवं अन्य को मौके पर किसी प्रकार की लोहा चोरी करना न पाते हुए त्रिपुरा रायफल द्वारा जांच के बाद छोड़ा गया था, किन्तु इस कार्यवाही के दौरान त्रिपुरा रायफल एवं जनप्रतिनिधि सतपुरुष महर्षि के मध्य जो विवाद हुआ उसके लिए एसईसीएल. प्रबंधन खेद व्यक्त करता है।




