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रायगढ़: “नहीं” सुनते ही बेकाबू हुआ आशिक! पीछा, छेड़खानी, फिर घर में घुसकर उत्पात – 24 घंटे में पुलिस ने दबोचा

रायगढ़, 16 अप्रैल: चक्रधरनगर क्षेत्र में एक युवती को परेशान करने वाले सिरफिरे आशिक को महिला थाना पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। आरोपी रामकुमार भगत (29), ग्राम लोईग निवासी, जनवरी से युवती को मोबाइल पर कॉल कर शादी का प्रस्ताव दे रहा था, लेकिन जब जवाब ‘ना’ में मिला तो हर हद पार कर बैठा।

छेड़खानी से घर में घुसपैठ तक…
पीड़िता ने महिला थाना में दर्ज शिकायत में बताया कि 11 मार्च की सुबह जब वह अपनी छोटी बहन को स्कूल छोड़ने जा रही थी, तब रामकुमार ने रास्ता रोककर न सिर्फ उसका हाथ पकड़ा, बल्कि जबरन मोबाइल नंबर मांगते हुए अश्लील हरकतें कीं। युवती ने किसी तरह खुद को बचाया, लेकिन वह यह सोच भी नहीं सकी थी कि कहानी यहीं खत्म नहीं होगी।

13 अप्रैल की शाम को, आरोपी सीधे उसके घर में घुस गया और वहां गाली-गलौच करते हुए हंगामा करने लगा। जब युवती के पिता बीच-बचाव को आए, तो उन्हें भी अपशब्द कहकर धमकी देते हुए फरार हो गया।

रायगढ़ जेल के बाहर आरोपी

महिला थाना की रफ्तार – कानून की फटकार!
महिला थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज की और अपराध क्रमांक 06/25, धारा 75(3), 78(2), 331(2) व 296 बीएनएस के तहत कार्रवाई शुरू की। मुखबिर की सूचना पर आरोपी को हिरासत में लिया गया और न्यायालय में पेश कर दिया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

कड़ी कार्रवाई, सख्त संदेश:
महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक दीपिका निर्मलकर, एएसआई सरस्वती महापात्रे और प्रधान आरक्षक राजेश उरांव की सतर्कता और मुस्तैदी ने साबित कर दिया कि महिलाओं की सुरक्षा के मामले में पुलिस किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी।

जवाब साफ है – ‘ना’ का मतलब ‘ना’ ही होता है!
इस घटना ने फिर साबित किया कि जब पुलिस सक्रिय हो, तो आरोपी कितना भी शातिर हो, कानून की पकड़ से बच नहीं सकता। रायगढ़ की महिलाएं आज खुद को थोड़ा और सुरक्षित महसूस कर सकती हैं।

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