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सरकारी आदेश की धज्जियां उड़ाता शालिनी/सेंट टेरेसा स्कूल: आरटीई से बचने के लिए भी रायगढ़ में चल रहा बहुत बड़ा साइलेंट खेला! शिक्षा विभाग भी इन स्कूलों के कंट्रोल में..

रायगढ़। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एक आदेश निकाला गया था, 21 जून तक सरकारी से लेकर प्राइवेट स्कूलों के लिये स्कूल का समय 7:00से 11:00 तक रहेगा.. लेकिन इस समय रायगढ़ की बात ही निराली है! यहां कोई भी कुछ भी कर सकता है। जिला शिक्षा विभाग जिंदाबाद, सेटिंग की गारंटी नहीं लेकिन कंट्रोल नहीं है, इतना कंफर्म है।

प्राइवेट स्कूल मनमानी पर है! आदेश भाड़ में जाए ! जिसका जो मन में आए वह चला रहा है, कोई 7 को 7:30 कर रहा है, कोई आठ कह रहा है और सबसे हिमाकत जिस प्राइवेट स्कूल ने दिखाई है उसका नाम है, शालिनी कन्वेंट स्कूल या सेंट टेरेसा कॉन्वेंट.. जो आपका मन करे, समझ लो आप।

सरकारी आदेश को कचरे के डब्बे में डालकर सीधा-सीधा स्पष्ट रूप से शालिनी स्कूल 7:15 बजे से 1:30 तक चल रहा है। यहां सवाल इस बात का है की सरकारी आदेश की कितनी इज्जत है..?प्राइवेट स्कूलों की नजर में!

यही वह सरकारी आदेश है जिसकी धज्जियां उड़ रही

अल्पसंख्यक घोषित कर आरटीआई से बाहर

आपको बता दे की दशको से यहां के जिला शिक्षा अधिकारी का कार्यालय कुछ एक्स्ट्रा मेहरबान है, ख़ासकर इन कॉन्वेंट स्कूलों पर। शिक्षा अधिकारी बदल जाते है, मगर कॉन्वेंट का कंट्रोल रायगढ़ शिक्षा विभाग पर हमेशा रहा है। चाहे अपने आप को अल्पसंख्यक घोषित करके आरटीई से मुक्त हो जाना हो, भले ही उनके स्कूल की 90% से ज्यादा बच्चे बहुसंख्यक हो! मगर आपका स्कूल एक मदरसे की तरह अल्पसंख्यक स्कूल है!

इस टाइप के स्कूलों की तगड़ी कमाई उन्हीं बहुसंख्यक समुदाय से होती है, मगर वे स्कूल अल्पसंख्यक है, जो राइट टू एजुकेशन के दायरे से बाहर हैं ताकि गरीब बच्चों को पढ़ाकर कर कमाई में कमी ना हो। जब इस टाइप के स्कूल कानून का खेल या फिर कानून के साथ खेल रहे होते हैं, तब मजाल है  शिक्षा विभाग, वह भी रायगढ़ का ! इनके बारे में कुछ भी एक्शन ले, वह तो पूरा सपोर्ट में लगा होता है क्योंकि पूरा कंट्रोल उन्हीं का होता है। दो साल पहले इन्वेस्टिगेशन में यह बात सामने आई थी कि छत्तीसगढ़ में अल्पसंख्यक स्कूलों को लेकर ऐसा कोई भी प्रावधान या नीति स्पष्ट रूप से नहीं है, हो सकता है इसी कमी का फायदा उठा रहे हैं इसतरह के कान्वेंट स्कूल!

जब भी कोई शिकायत होती है। शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी या यह समझ लो कि रायगढ़ पूरा शिक्षा विभाग उनके सपोर्ट में लग जाता है, आखिर कुछ भी हो तगड़ा कंट्रोल है उनका ! सरकार किसी के भी हो.. राज तो उनका ही चलता है! इसका ताजा उदाहरण इससे अच्छा और क्या हो सकता है!

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