बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से 40 किलोमीटर दूर रतनपुर का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वह कुछ बच्चों को और युवकों को हिंदू देवी देवताओं को न मानने की लाउडस्पीकर में शपथ दिला रहे हैं। शिक्षा विभाग द्वारा हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया गया है और विश्व हिंदू परिषद की शिकायत पर गैर जमानती धाराओं के तहत अपराध भी दर्ज कर लिया गया है।
रतनपुर के शासकीय प्राथमिक शाला भरारी में हेड मास्टर रतन लाल सरोवर ने बच्चों और कुछ युवकों को हिन्दू देवी देवताओं को न मानने की शपथ दिला रहे है। वीडियो में हेड मास्टर बच्चों को ये शपथ दिलाते हुए सुने जा रहे हैं कि, ‘मैं ब्रम्हा, विष्णु और महेश को ईश्वर नहीं मानूंगा तथा उनकी पूजा नहीं करूंगा’। उन्होंने बच्चों को ये भी शपथ दिलाई कि, मैं हिंदू धर्म के किसी भी देवी-देवताओं को नहीं मानूंगा। ये वायरल वीडियो 22 जनवरी अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के दिन का बताया जा रहा है।
शपथ दिलाने का यह वीडियो सोशल मीडिया में काफी वायरल हुआ हालांकि यह वीडियो उनके स्कूल का नहीं बल्कि उनके मोहल्ले का है जहां वह कुछ बच्चों युवाओं को लाउडस्पीकर पर हिंदू देवी देवताओं को कभी न मानने की शपथ दिलाते नजर आ रहे हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद हेड मास्टर के इस कृत्य पर शिक्षा विभाग ने एक्शन लिया है। DEO ने हेडमास्टर रतनलाल सरोवर को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दिया गया हैं।
इस मामले में पुलिस ने भी कार्यवाही की है विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष की शिकायत पर आरोपी हेड मास्टर के ऊपर 193 ए और 295 ए के तहत कार्रवाई की गई है। हेड मास्टर को पुलिस हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।



