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सनसनीखेज़ चोरी: रायगढ़ में कांस्टेबल के घर पर चोरों का धावा, 4 लाख से ज़्यादा के जेवरात और नकदी उड़ाए!

रायगढ़ (छत्तीसगढ़) – जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब पुलिसवालों के घर भी सुरक्षित नहीं बचे। ताज़ा मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां अज्ञात चोरों ने रायगढ़ पुलिस विभाग में तैनात एक आरक्षक (कांस्टेबल) के घर को निशाना बनाकर लाखों की चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। यह चौंकाने वाली घटना 7 से 9 मई के बीच की है, जब कांस्टेबल अपने परिवार के साथ एक शादी समारोह में शरीक होने गए थे।

तीन कमरों की अलमारियों को बनाया निशाना

जानकारी के अनुसार, कांटाहरदी गांव निवासी महेंद्र कुमार सिदार (36), रायगढ़ पुलिस के जिला विशेष शाखा में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। 7 मई को वह दो दिन की इमरजेंसी छुट्टी लेकर अपने गांव लौटे थे। 8 मई की रात वह अपने माता-पिता और गांव के एक परिचित बरातू यादव को लेकर एक शादी समारोह में ग्राम शंकरपाली गए। घर लौटने पर उन्हें जो मंजर दिखा, वह किसी भी व्यक्ति को झकझोर देने के लिए काफी था।

रात करीब पौने दो बजे जब महेंद्र अपने माता-पिता को घर के बाहर छोड़कर बरातू यादव को उसके घर छोड़ने गए, उसी दौरान चोरों ने ताला तोड़कर उनके घर में प्रवेश कर लिया। जब वह वापस लौटे, तो देखा कि मुख्य दरवाज़े की कुंडी टूटी हुई थी। घर के अंदर तीन कमरों की अलमारियों के लॉकर तोड़े गए थे और उनमें रखे नकदी 47 हजार रुपए और लगभग 4 लाख 16 हजार के जेवरात गायब थे।

पुलिसकर्मी खुद बना शिकार, जांच शुरू

महेंद्र सिदार ने तत्काल आस-पड़ोस में पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। अंततः उन्होंने कोतरा रोड थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि घटना में कितने लोग शामिल थे और उन्होंने चोरी की योजना कैसे बनाई।

क्या पुलिसकर्मी की गतिविधियों पर थी निगाह?

चोरी की यह वारदात कई सवाल खड़े करती है। क्या चोरों को पहले से पता था कि घर खाली रहेगा? क्या किसी जानकार की मिलीभगत है? एक पुलिसकर्मी का घर होने के बावजूद चोरों ने इतनी हिम्मत कैसे जुटाई? फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, आसपास के लोगों से पूछताछ और अन्य तकनीकी सहायता से मामले की तह तक जाने की कोशिश में जुटी है।

जिला पुलिस की साख पर सवाल

इस वारदात ने एक बार फिर से रायगढ़ जिले में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब पुलिस विभाग के एक कर्मचारी का घर ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी कैसे दी जा सकती है? इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे को झकझोर दिया है।

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