रायगढ़। रायगढ़ नगर पालिका को नगर निगम बना दिया गया। नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए उसकी सरहद भी बढ़ा दी गई। आए दिन अखबार और डिजिटल मीडिया में कथित विकास के कई दावे देखने को मिलते हैं। मगर रायगढ़ शहरी क्षेत्र में विकास का असली नजरा तो बरसात आने पर ही दिखाई देता है।
साच को आच क्या, पढ़े लिखे को फारसी क्या..? विकास का एक ऐसा ही खूबसूरत नजारा रायगढ़ निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 47 गोवर्धनपुर से ऐश्वर्या अपार्टमेंट जाने वाले रास्ते में दिखने को मिला। पहले आप नीचे वीडियो देखिए, फिर आगे इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
इस बारे रायगढ़ के वार्ड क्रमांक 47 के लोगो का कहना है कि स्थित ऐश्वर्यमय अपार्टमेंट की सड़क की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। इस मार्ग का उपयोग भारी वाहनों द्वारा भी किया जाता है, जिसके कारण सड़क पर गड्ढों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
आज सुबह ही हुआ हादसा
उन्होंने बताया कि यहां पर जाम और दुर्घटनाएं हम लोगो के लिए आम बात हो गई हैं। बरसात के बाद तो सड़क इतनी खराब हो गई है कि स्थानीय निवासियों और गोवर्धनपुर के गांव वालों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। आज सुबह इसी सड़क पर ग्रीन सिटी कॉलोनी के पास एक ट्रक हादसे का शिकार हो गई।

10 साल से इंतजार
स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया कि ऐसा नहीं है कि हाल के कुछ महीनो या सालों में इस जगह का यह हाल हुआ है। यह सड़क तो पिछले 10 सालों से इस स्थिति में है, लेकिन किसी भी प्रकार का सुधार अब तक नहीं हुआ है।

उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन से कई बार संपर्क किया गया है, और यह मुद्दा सबकी जानकारी में है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थिति इतनी चिंताजनक हो चुकी है कि लोगों का इस सड़क से निकलना भी मुश्किल हो गया है। दुर्घटनाओं का होना अब एक सामान्य घटना बन गई है, और लोग इस असुरक्षित स्थिति से बहुत परेशान हैं। यहां एक छोटा सा पुल भी है, जो दम तोड़ने की कगार पर है, स्थिति यह है कि इसका छड़ बाहर दिखाई देने लगा है है।

तीन मौतों के बाद भी कुछ नही हुआ
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहाँ कुछ साल पहले ही जर्जर मार्ग की वजह से सही समय पर एंबुलेंस के नहीं पहुंचने से एक नवजात शिशु की मौत हो गई थी। जबकि पिछले साल ही इसी मार्ग में बाइक सवार तीन युवकों को भारी वाहनों ने रौंद कर उनकी जान ले ली थी। उस वक्त भी कॉलोनीवासियों और क्षेत्र के लोगों का आक्रोश चरम पर था। इसके बाद भी शहर सरकार, निगम व जिला प्रशासन ने इस सडक़ की सुध नहीं ली।
मजबूरी में करते हैं आना-जाना
संबलपुरी, बंगुरसिया, रेगड़ा, लामहीदरहा, गोवर्धनपुर क्षेत्र के लोगों को सर्किट हाऊस, ढिमरापुर, केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड सहित चांदनी चौक तरफ जाने के लिए यह रास्ता आसान पड़ता है। दूरी कम होने के कारण लोग जल्दी ही अपने गंतव्य तक पहुंच जाते हैं। यही कारण है कि लोग मजबूरीवश इस मार्ग से आना-जाना करते हैं।

आवेदन रद्दी की टोकरी में – वार्ड पार्षद
इस बारे में वार्ड पार्षद पदुम लाल परजा ने बताया कि इस सडक़ के जीर्णोद्धार के लिए कई बार निगम कमिश्नर, महापौर व कलेक्टर को आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन उक्त आवेदन रद्दी की टोकरी में पड़ा है। शासन-प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं देने से क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।



