रायगढ़, 23 जुलाई 2025 — छत्तीसगढ़ के धर्मजयगढ़ वन मंडल अंतर्गत लैलूंगा रेंज के गांवों में बीती रात हाथियों का कहर टूटा। एक मादा हाथी और उसके शावक ने गांवों में घुसकर भारी उत्पात मचाया। इस हिंसक हमले में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि कई घरों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात मादा हाथी और उसका शावक लैलूंगा रेंज के गोसाईडीह और मोहनपुर गांवों में घुस आए। सबसे पहले गोसाईडीह गांव में तीन वर्षीय बालक सत्यम रावत, पिता उमरहीरालाल रावत को हाथी ने सूंड से उठाकर ज़मीन पर पटक दिया, जिससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

इसी रात मोहनपुर गांव में भी हाथी ने हमला किया। संतरा बाई राठिया (45), पत्नी मधुसूदन राठिया को भी हाथी ने सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे वह भी मौके पर ही दम तोड़ बैठीं। वहीं, एक अन्य ग्रामीण पुरुषोत्तम प्रधान (48), पिता भुखन साय अपने घर में सो रहे थे, तभी हाथी ने घर की दीवार गिरा दी और उसके नीचे दबने से उनकी भी मौत हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि यह वही मादा हाथी है जिसने कुछ समय पूर्व बाकारुमा गांव में भी एक ग्रामीण को कुचलकर मार डाला था। लगातार हो रहे हमलों से क्षेत्र के लोग डरे हुए हैं। कई गांवों में लोग रातभर जागकर हाथियों की आहट पर नजर रख रहे हैं।
आज सुबह तीन मौतों की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, वहीं हाथियों की लोकेशन ट्रैक करने और उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
वन विभाग की अपील:
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं, सतर्क रहें और किसी भी तरह की जानकारी तुरंत विभाग को दें। विभाग द्वारा हाथियों को ट्रैक कर नियंत्रित करने के लिए विशेष टीम तैनात की जा रही है।


