रायगढ़। जिले के घरघोड़ा के ग्राम पंचायत रूमकेरा के सरपंच द्वारा एक परिवार को खुलेआम सामाजिक बहिष्कार और ‘हुका-पानी बंद’ की सजा दी गई है। स्थानीय स्तर पर मुनादी करवा दी गई कि यदि गांव का कोई भी व्यक्ति इस परिवार से संपर्क रखेगा, तो उसके ऊपर ₹10,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके चलते गांव के सभी लोग परिवार से पूरी तरह से कट गए हैं, जिससे वे गहरे मानसिक और आर्थिक संकट में आ गए हैं।
परिवार का आरोप है कि उनके घर के सामने सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे उनका आवागमन अवरुद्ध हो रहा है। इस संबंध में उन्होंने कोर्ट से स्थगन आदेश लिया। सरपंच ने उनके विरोध को निजी दुश्मनी मानते हुए झूठे आरोप लगाए और थाने में पंप चोरी की शिकायत भी दर्ज कराई। परिवार ने अपने ज्ञापन में लिखा है कि उनके साथ हुए व्यवहार के कारण उनका सम्मान और जीवनयापन मुश्किल हो गया है।
परिवार ने न्याय की मांग करते हुए SDM को घरघोड़ा को ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में उल्लेखित है कि प्रशासन से उचित कार्यवाही करने की माँग की गई है ताकि उनका परिवार सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सके।

“गांव में तानाशाही का यह मामला साफ-साफ एक परिवार के लोकतांत्रिक अधिकारो हनन करता है। जब आम नागरिक को न्याय मांगने का अधिकार है, तब पंचायत स्तर पर सत्ता की मनमानी ये समाज कैसे स्वीकार कर सकता है? आज की यह घटना प्रशासन और समाज दोनों के लिए चेतावनी है कि समय रहते सामाजिक बहिष्कार जैसी अमानवीय परंपराओं को जड़ से खत्म किया जाए!”


