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रायगढ़ कांग्रेस ने किया जिला भाजपा कार्यालय का घेराव:  कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने, बीच में पुलिस! जानिए क्या-क्या हुआ.. किसने क्या बोला..? देखें वीडियो..

रायगढ़। आज रायगढ़ में राजनीतिक गतिविधियां सामान्य से ज्यादा देखी गई। आज कांग्रेस ने जिला भाजपा कार्यालय घेराव किया। ऐसा रायगढ़  ने शायद ही कभी देखा होगा कि किसी राजनीतिक पार्टी के द्वारा की दूसरी राजनीतिक पार्टी के दफ्तर का घेराव किया गया। कांग्रेस बीजेपी आमने सामने थी, बीच में पुलिस थी। घेराव का ऑर्डर उपर से प्रदेश कांग्रेस द्वारा सभी जिला कांग्रेस संगठनों को आया था।  बीजेपी दफ्तर का घेराव नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के कथित दुरुपयोग के खिलाफ किया।

डेढ़ घंटे लेट हुआ कार्यक्रम बीजेपी बेचैन

रायगढ़ जिला कांग्रेस, शहर और ग्रामीण इकाई  ने संयुक्त रूप सेआज 18 दिसंबर को दोपहर 12:00 बजे जिला भाजपा कार्यालय का घेरने का ऐलान किया था। सुबह से ही दोनों पार्टियों के दफ्तर में अच्छी-खासी तादाद में भीड़ देखी गई।

कांग्रेस का भाजपा कार्यालय घेराव का कार्यक्रम करीब डेढ़ घंटा लेट से दोपहर डेढ बजे से शुरू हुआ। बीजेपी दफ्तर में इंतजार हो रहा था बेचैनी बढ़ रही थी। दोपहर 12:55 को भाजपा पदाधिकारियो द्वारा सोशल मीडिया में लाइव वीडियो जारी कर तंज भी कस गया।

पुलिस का तगड़ा इंतजाम

पुलिस ने भाजपा कार्यालय के सामने बैरिकेट्स का इंतजाम कर रखा था। इस बार कांग्रेसियों की तादाद भी अच्छी खासी थी, लगभग 70- 80 की तादाद में कांग्रेसी रहे होंगे। लगभग इतनी ही तादाद में भाजपाई भी भी अपने जिला कार्यालय में भी उपस्थित थे। अभी हाल ही में भाजपा के मोर्चा प्रकोष्ठों की जिला और प्रदेश स्तर पर नियुक्तियां हुई। भाजपा कार्यालय में आज एक दूसरे को बधाई का सिलसिला चल रहा था और ऊपर से घेराव का ऐलान, इसलिए आज वहां ज़्यादा ही हलचल देखी गई।

कांग्रेस 1:30 बजे के आसपास भाजपा कार्यालय के समीप पहुंची।  पुलिस और उनके बीच बैरिकेट्स के पास झूमा झटकी हुई। हो हल्ला प्रदर्शन नारेबाजी हुई और फिर कार्यक्रम खत्म। इसके बाद कांग्रेस और भाजपा के जिला संगठन के पदाधिकारी द्वारा मीडिया में बयान जारी किया गया।

क्या है बयान

जिला कांग्रेस कमेटी (शहर ) अध्यक्ष शाखा यादव ने मीडिया को बताया कि, प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर भाजपा कार्यालय घेराव का कार्यक्रम रखा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया गया।  न्यायालय के फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नेशनल हेराल्ड मामले में कोई ठोस आधार नहीं था।

उन्होंने कहा कि लगभग 2 हजार करोड़ रुपए के कथित मामले में न्यायालय से क्लीन चिट मिलने के बाद भाजपा की साजिश बेनकाब हो गई है। इसी के विरोध में कांग्रेस ने यह प्रदर्शन किया।

वहीं रायगढ़ जिला भाजपा महामंत्री विकास केड़िया ने प्रेस बयान में कहा कि नेशनल हेराल्ड केस में कोर्ट के स्पष्ट फैसले के बाद कांग्रेस का बीजेपी कार्यालय घेराव की घोषणा संविधान, न्यायपालिका और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का अपमान है।

विकास केड़िया ने इसे सड़क पर दबाव बनाने वाली अराजकता और राजनीतिक हताशा बताया, जो कांग्रेस की विफलताओं से ध्यान भटकाने की नाकाम कोशिश है। उन्होंने कांग्रेस को आपातकाल और न्यायपालिका पर हमले की याद दिलाई, तथा कहा कि भाजपा न धमकियों से डरती है न घेराव से झुकती है—सत्य को पराजित नहीं किया जा सकता।

क्या है नेशनल हेराल्ड केस

नेशनल हेराल्ड केस एक राजनीतिक विवाद है, जिसमें कांग्रेस नेता सोनिया गांधी व राहुल गांधी पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की 2000 करोड़ की संपत्तियों पर गलत कब्जे का आरोप है। 2012 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत से शुरू हुआ यह मामला बताता है कि कांग्रेस ने AJL को 90 करोड़ का कर्ज दिया, जिसे यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (गांधी परिवार की 76% हिस्सेदारी) ने मात्र 50 लाख में ले लिया।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 16 दिसंबर 2025 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मनी लॉन्ड्रिंग शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि PMLA के तहत ED केवल कानून प्रवर्तन एजेंसी की शिकायत पर ही कार्रवाई कर सकता है, न कि स्वामी की निजी शिकायत पर, और कोई पूर्व अपराध (predicate offence) का FIR नहीं होने से मामला बन नहीं सकता।

कांग्रेस ने इसे सत्य की जीत बताया और मोदी सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने कहा कि आरोपी अभी भी जमानत पर हैं और दिल्ली हाईकोर्ट में मूल केस लंबित है। ED ने दिल्ली पुलिस EOW में FIR दर्ज कराई है, जिससे आगे जांच संभव है।

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