छोड़कर सामग्री पर जाएँ

धर्मजयगढ़ SDM कार्यालय का बाबू एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार: दो लाख की मांग, एक लाख में ट्रैप

रायगढ़। नए साल 2026 की शुरुआत में ही आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो/एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने छत्तीसगढ़ में पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ स्थित SDM कार्यालय में पदस्थ बाबू अनिल कुमार चेलक को 1 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसीबी इकाई बिलासपुर की टीम ने की।

शिकायत कैसे और क्यों हुई

24 दिसंबर 2025 को ग्राम अमलीटिकरा (तहसील धर्मजयगढ़, जिला रायगढ़) निवासी राजू कुमार यादव ने एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया कि उसने ग्राम अमलीटिकरा में जमीन खरीदी है, जिसकी रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, फिर भी SDM कार्यालय में पदस्थ बाबू अनिल कुमार चेलक उसे यह कहकर डराता रहा कि रजिस्ट्री गलत तरीके से हुई है और प्रकरण दर्ज है।

2 लाख की मांग, 1 लाख में ट्रैप

डीएसपी अजितेश सिंह के मुताबिक आरोपी बाबू ने कथित शिकायत को “नस्तीबद्ध” (फाइल बंद) करने के बदले 2 लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था और आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाने के लिए एसीबी के पास पहुंचा। सत्यापन के दौरान आरोप सही पाए जाने के बाद पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये लेने पर सहमति बनी और ट्रैप की योजना तैयार की गई।

रिश्वत लेते ही दरवाजा बंद, फिर बैग में फेंकी रकम

2 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ता ने तय 1 लाख रुपये आरोपी को धर्मजयगढ़ स्थित उसके शासकीय आवास पर दिए। आरोपी ने रुपये हाथ में लेते ही शक होने पर घर का दरवाजा बंद कर लिया, लेकिन एसीबी टीम के दबाव के बाद दरवाजा खोला गया। पूछताछ में पहले उसने रकम से अनजान होने का दावा किया, फिर पूछने पर स्वीकार किया कि उसने रिश्वत की रकम आवास के पीछे दीवार पार बैग में फेंक दी थी। जिसे एसीबी स्टाफ ने मौके पर देखा और बाद में रकम बरामद कर जब्त कर ली।

केस दर्ज

एसीबी ने आरोपी अनिल कुमार चेलक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। एसीबी अधिकारियों ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

ख़बर शेयर करें: