रायगढ़। सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शर्मा ने एक बार फिर अपने बयान से सनसनी मचा दी है। बीती रात 9:00 बजे उन्होंने रायगढ़ सिटी में तमनार तहसीलदार और थाना प्रभारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए शिकायत दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले महीने 12 दिसंबर को उनके पुत्र को गलत तरीके से जेल भेजा गया। इस दौरान तमनार थाना प्रभारी और तहसीलदार ने उसके संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करने से वंचित रखा, उसे शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी गई। इस दौरान उन्होंने रायगढ़ पुलिस अधीक्षक बारे में कहा कि रायगढ़ पुलिस उनके कंट्रोल में नहीं है। उनके बेटे को पुलिस ले गए थे, मगर उन्हें इसकी जानकारी भी नहीं थीं।
ग्रामीणों के बकरी के बच्चे उठा ले जाती है टी आई: राधेश्याम
इसके साथ ही उन्होंने तमनार थाना प्रभारी को ‘लेडी सिंघम’ बोलते हुए आरोप लगाया कि वह तमनार के ग्रामीणों का भयादोहन करती है।उनके पाले गए बकरी के बच्चे उठाकर ले जाती है। उन्होंने ही जिंदल के कहने पर तमनार में 21 दिन से चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन को भड़काया। जबरन आर्थिक नाके बंदी को खुलवाया। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और शांतिपूर्ण आंदोलन हिंसा में बदल गया।
महिला पुलिस कर्मी के साथ घटना शर्मनाक मगर
तमनार हिंसा के दौरान महिला पुलिसकर्मी के हुई घटना के बारे में जो मीडिया ने सवाल पूछा तो उन्होंने कहा है यह एक शर्मनाक घटना है। पुलिस का काम होता है आरोपी को सुरक्षित ले जाना मगर रायगढ़ पुलिस द्वारा जो आरोपी का जुलूस, बारात निकाला गया, उसके साथ जो जो किया गया। अगर कल वह न्यायालय द्वारा दोष मुक्त हो जाता है तो इसके लिए कौन दोषी होगा। तमनार CHP चौक में हिंसा के दौरान पुलिस अधीक्षक और रायगढ़ कलेक्टर ने ग्रामीणों से कहा था कि किसी की भी गिरफ्तारी होगी तो उन्हें ग्रामीणों को विश्वास में लेकर पूरे प्रमाण देंगे। लेकिन पुलिस उनको सिर्फ संदिग्ध बताकर ग्रामीणों पर दबाव बना रही है।



