रायगढ़/लैलूंगा, 18 फरवरी 2026। रायगढ़ जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ पुलिस का ‘ऑपरेशन शंखनाद’ पूरी सख्ती के साथ जारी है। इसी कड़ी में लैलूंगा पुलिस ने एक बड़ी कार्यवाही करते हुए 16 मवेशियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। ये मवेशी क्रूरतापूर्वक ओडिशा के बूचड़खाने ले जाए जा रहे थे। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि एक और आरोपी रबुल खान की तलाश जारी है।
घेराबंदी कर दबोचा गया आरोपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत लैलूंगा पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, आमापाली से झगरपुर मार्ग के रास्ते मवेशियों की तस्करी की जा रही थी। इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए थाना प्रभारी लैलूंगा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम झगरपुर के पास घेराबंदी की।
मेन रोड पर मवेशियों को ले जा रहे एक व्यक्ति को पुलिस ने रोका। पूछताछ में उसने अपना नाम देवानंद यादव (32), निवासी ग्राम आमापाली बताया। उसके कब्जे से 16 नग कृषक धन (गौवंश) बरामद किए गए।

ओडिशा ले जाने की थी योजना
जब पुलिस ने आरोपी से मवेशियों के परिवहन संबंधी दस्तावेज मांगे, तो वह कोई भी वैध कागज प्रस्तुत नहीं कर सका। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी देवानंद ने स्वीकार किया कि वह अपने साथी रब्बुल खान के साथ मिलकर इन मवेशियों को ओडिशा के बूचड़खाने ले जा रहा था। पुलिस ने तत्काल कार्यवाही करते हुए देवानंद यादव को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरे आरोपी रब्बुल खान की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज
बरामद किए गए सभी 16 गौवंश का पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित सलखिया गौशाला भेज दिया गया है, जहां उनके चारे-पानी की व्यवस्था की गई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 52/2026 के तहत छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10, 11 के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।
“जिले में नहीं होने देंगे तस्करी” – एसएसपी
इस कार्यवाही पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा, “जिले में एक भी गौवंश की तस्करी नहीं होने दी जाएगी। ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत मवेशी तस्करों पर पुलिस की यह कठोर कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।”



