रायगढ़ जिले के लैलूंगा बॉर्डर (पाकरगांव) पर 1 मार्च की शाम पुलिस ने कार में खुफिया चेंबर बनाकर लाया जा रहा करीब 29 किलो गांजा जब्त किया है। उड़ीसा से तस्करी कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जशपुर का रहने वाला मुख्य सप्लायर अभी फरार है।
खबर के मुख्य बिंदु:
- कार के दरवाजों और बैकलाइट में ‘पुष्पा’ फिल्म की तरह विशेष चेंबर बनाकर लाया जा रहा था गांजा।
- लैलूंगा पुलिस की घेराबंदी में उड़ीसा से आ रहे दो तस्कर 29 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार।
- जब्त किए गए गांजे, रिट्ज कार और मोबाइल समेत कुल 17.65 लाख रुपये की संपत्ति बरामद।
- प्रति 10 किलो पर 10 हजार रुपये के कमीशन पर कर रहे थे तस्करी, मुख्य सरगना फरार।

कार में बने थे खुफिया चेंबर
रविवार शाम लैलूंगा और साइबर पुलिस को उड़ीसा से गांजा तस्करी की सटीक सूचना मिली थी। पाकरगांव अटल चौक पर नाकेबंदी के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध रिट्ज कार को रोका।
पुलिस को देखकर कार सवारों ने कच्चे रास्ते पर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर पकड़े गए।
जब कार की बारीकी से जांच की गई, तो पुलिस भी हैरान रह गई। आरोपियों ने कार के दरवाजों और पीछे की लाइट के अंदर गुप्त चेंबर बना रखे थे, जिनमें 29.115 किलो गांजा छिपाकर रखा गया था।

10 हजार के लालच में बने तस्कर
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्रवण कुमार निषाद (34) और महेंद्र प्रसाद चौहान (40) के रूप में हुई है, जो लैलूंगा इलाके के ही रहने वाले हैं।
पूछताछ में उन्होंने बताया कि जशपुर (पत्थलगांव) के रहने वाले रामकुमार कुजूर ने उन्हें प्रति 10 किलो गांजे पर 10,000 रुपये देने का लालच दिया था। उसी के कहने पर वे उड़ीसा से यह खेप ला रहे थे।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, फरार सप्लायर रामकुमार कुजूर के खिलाफ भी नामजद एफआईआर दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।



