रायगढ़ में रविवार शाम सोशल मीडिया पर एक काले रंग की क्रेटा कार में युवती के अपहरण की खबर से हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत नाकेबंदी की और कुछ ही घंटों में इंदिरा विहार चेकपोस्ट के पास कार को पकड़ लिया, जिसके बाद अपहरण की पूरी सच्चाई सामने आ गई।
खबर के मुख्य बिंदु:
- सोशल मीडिया पर काले रंग की क्रेटा कार में युवती के अपहरण की उड़ी थी खबर
- ट्रैफिक जवान ने मुस्तैदी दिखाते हुए इंदिरा विहार चेकपोस्ट पर कार को रोका
- पुलिस जांच में अपहरण नहीं, बल्कि युवक-युवती का पारिवारिक विवाद निकला
- युवती ने कार्रवाई से किया इनकार, जूटमिल पुलिस कर रही प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
सोशल मीडिया की खबर और पुलिस की नाकेबंदी
रविवार शाम रायगढ़ में सोशल मीडिया पर अचानक यह खबर आग की तरह फैल गई कि काले रंग की क्रेटा कार में एक युवती को जबरदस्ती बिठाकर ले जाया जा रहा है।
खबर मिलते ही पुलिस महकमे में अलर्ट जारी हो गया। कंट्रोल रूम से शहर के सभी चेक पोस्ट और नाकों पर इस संदिग्ध कार को ट्रेस करने और पकड़ने के सख्त निर्देश जारी किए गए।
ट्रैफिक जवान ने बाइक अड़ाकर रोकी कार

इंदिरा विहार नो-एंट्री पॉइंट पर तैनात ट्रैफिक आरक्षक सुनील मिश्रा की नजर शहर की ओर आ रही उस संदिग्ध क्रेटा कार पर पड़ गई।
जवान ने स्टॉपर लगाकर कार रोकनी चाही, लेकिन चालक कार भगाने लगा। इस पर आरक्षक ने अपनी बाइक से पीछा किया और कार के ठीक सामने बाइक अड़ाकर उसे रुकवा लिया।
कार सवार युवकों ने बचने के लिए युवती की तबीयत खराब होने का बहाना बनाया, लेकिन जवान की सूचना पर चक्रधरनगर और जूटमिल पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई।
थाने में खुला मामला: अपहरण नहीं, आपसी विवाद
पुलिस जब युवक और युवती को जूटमिल थाने लेकर आई और पूछताछ की, तो अपहरण की अफवाह पूरी तरह गलत निकली। यह दोनों के बीच का एक पारिवारिक और आपसी विवाद था।
पूछताछ के बाद युवती ने युवक के खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई करने से साफ इनकार कर दिया है। हालांकि, बीच सड़क पर हुए इस विवाद को देखते हुए जूटमिल पुलिस युवक पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर रही है।



