जशपुर। जशपुर पुलिस ने 28 फरवरी को गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो तस्करों के साथ-साथ दो पुलिस आरक्षकों (Constables) को भी गिरफ्तार किया है। तपकरा थाने में पदस्थ ये दोनों पुलिसवाले तस्करों के साथ मिलकर अवैध गांजे का कारोबार चला रहे थे।
हाइलाइट्स:
- जशपुर की विवेकानंद कॉलोनी में किराए के मकान पर रेड, 24 पैकेट गांजा बरामद
- आरोपी रवि और सुनील की निशानदेही पर गांजा तस्करी के बड़े सिंडिकेट का हुआ खुलासा
- तपकरा थाने के दो पुलिस आरक्षक (धीरेंद्र और अमित) तस्करों की मदद करते पाए गए
- चारों आरोपियों को NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल
किराए के मकान में गांजे का गोदाम
जशपुर कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि विवेकानंद कॉलोनी में रहने वाले रवि विश्वकर्मा ने अपने किराए के मकान में भारी मात्रा में गांजा छिपा रखा है।
इस पुख्ता सूचना पर 28 फरवरी को पुलिस टीम ने उस घर पर दबिश दी। तलाशी के दौरान पुलिस को एक पेटी के अंदर से 24 पैकेट गांजा बरामद हुआ।
पूछताछ में मकान मालिक रवि ने बताया कि यह गांजा सुनील उर्फ गोविंद ने पैसों का लालच देकर उसके घर पर रखवाया था। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुनील को भी धर दबोचा।
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, खाकी बेनकाब
जब पुलिस ने पकड़े गए तस्कर सुनील से सख्ती से पूछताछ की, तो ऐसा सच सामने आया जिसने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया।
सुनील ने बताया कि इस गांजा तस्करी में तपकरा थाने में पदस्थ दो आरक्षक, धीरेंद्र मधुकर (क्र. 581) और अमित त्रिपाठी (क्र. 392) उनका पूरा सहयोग कर रहे थे।
प्रारंभिक जांच में दोनों पुलिसवालों की संलिप्तता सही पाई गई। इसके बाद बिना किसी देरी या पक्षपात के जशपुर पुलिस ने अपने ही महकमे के दोनों आरक्षकों को भी NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

