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रायगढ़ ‘ऑपरेशन तलाश’: 10 महीने से फरार बदमाश मनीष बिहारी गिरफ्तार, मैरिज गार्डन के पास किया था खूनी खेल

रायगढ़। शहर में ‘ऑपरेशन तलाश’ के तहत चक्रधरनगर पुलिस ने 10 महीने से फरार चल रहे एक शातिर बदमाश मनीष सिंह उर्फ ‘मनीष बिहारी’ को धर दबोचा है। आरोपी अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक युवक पर जानलेवा हमला करने और जातिगत गाली-गलौज (SC/ST Act) के मामले में पिछले साल मई से ही फरार चल रहा था।

हाइलाइट्स:

  • चक्रधरनगर इलाके के विजयम उत्सव मैरिज गार्डन के पास 24 मई 2025 की रात हुई थी वारदात
  • रास्ता रोककर युवक को बुरी तरह पीटने और जातिगत अपमान पर लगा था SC/ST एक्ट
  • ‘ऑपरेशन तलाश’ के तहत 10 महीने से फरार शातिर आरोपी मनीष बिहारी उर्फ ‘बिहारी बाबू’ गिरफ्तार
  • फरवरी में हुलिया बदलकर (दाढ़ी-बाल बढ़ाकर) घूम रहे इसी मामले के आरोपी अंशुल ठाकुर को भी भेजा गया था जेल
  • आरोपी मनीष बिहारी पर जूटमिल थाने में पहले से ही दर्ज हैं मारपीट और गुंडागर्दी के कई मामले

रात 1:30 बजे रोका था रास्ता, फिर बरसाए लात-घूंसे

यह पूरा मामला पिछले साल 24-25 मई 2025 की रात का है। पीड़ित युवक अपनी दीदी के घर (ग्राम लामीदरहा) से रात करीब 1:30 बजे वापस लौट रहा था। तभी विजयम उत्सव मैरिज गार्डन के पास मोटरसाइकिल और स्कूटी सवार कुछ लड़कों ने उसका रास्ता रोक लिया।

आरोपियों में मनीष बिहारी, बबलू दास महंत, अंकुल ठाकुर और अन्य साथी शामिल थे। इन बदमाशों ने युवक के साथ न सिर्फ अश्लील गाली-गलौज की, बल्कि विशेष वर्ग का सदस्य जानते हुए उसे अपमानित किया और हथियारों व हाथ-मुक्कों से बुरी तरह पीटा। पीड़ित किसी तरह जान बचाकर वहां से भागा और परिजनों को जानकारी देकर अस्पताल में भर्ती हुआ।

हुलिया बदलकर छिप रहा था एक साथी, गया जेल

मामले में थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 219/2025 के तहत बलवा, मारपीट और SC/ST एक्ट की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। इस प्रकरण की विवेचना खुद नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) मयंक मिश्रा कर रहे थे।

गिरफ्तारी के डर से सभी आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने 20 फरवरी को इस मामले के एक आरोपी अंकुल ठाकुर उर्फ अंशुल ठाकुर को गिरफ्तार किया था। पुलिस से बचने के लिए अंशुल ने अपना हुलिया पूरी तरह बदल लिया था और पहचान छिपाने के लिए बाल व दाढ़ी बढ़ा ली थी, लेकिन पुलिस की पैनी नजरों से बच नहीं सका और उसे जेल भेज दिया गया।

अब ‘बिहारी बाबू’ भी चढ़ा पुलिस के हत्थे

इसी मामले में मुख्य आरोपियों में से एक ‘मनीष सिंह उर्फ बिहारी बाबू’ (26 वर्ष, मूल निवासी लेबर कॉलोनी जूटमिल, हाल मुकाम छातामुड़ा बाईपास) लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था।

कल शाम चक्रधरनगर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वह शहर में घूम रहा है। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। ‘बिहारी बाबू’ का पहले से ही आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उस पर जूटमिल थाने में भी मारपीट के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। फिलहाल इस गिरोह के शेष फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है।

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