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रायगढ़ सट्टा कांड ‘पार्ट-2’: ध्वस्त हुआ ‘गोवा टू दुबई’ सट्टा सिंडिकेट! ‘मन्नू नथानी’ गैंग के 6 बड़े खाईवाल गिरफ्तार… ‘7 सेकंड’ के ‘चीटिंग गेम’ का खुलासा, जाने डिटेल में, देखें वीडियो

रायगढ़। 1 करोड़ के करण चौधरी सट्टा कांड (अपराध क्रमांक 217/2026 एवं 218/2026) के बाद रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई अब ‘लोकल’ से निकलकर ‘ग्लोबल’ हो गई है। करण चौधरी और पुष्कर अग्रवाल से मिले सुरागों का पीछा करते हुए साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की टीम सीधे गोवा के कैंडोलिम बीच स्थित एक विला तक जा पहुंची। वहां मध्य भारत के सबसे कुख्यात ‘मन्नू नथानी गैंग’ से जुड़े 6 बड़े बुकी (खाईवाल) पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। जांच में करोड़ों के हवाला लेनदेन, दुबई से संचालित होने वाली बेटिंग आईडी और लाइव मैच में ‘7 सेकंड’ के अंतर (Delay) का फायदा उठाकर करोड़ों की हेराफेरी करने वाले एक बेहद हाई-टेक नेक्सस का पर्दाफाश हुआ है।

​बुलेट हाइलाइट्स

  • गोवा में सीक्रेट ऑपरेशन: कैंडोलिम बीच के किराए के विला में चल रहा था सट्टे का ‘कंट्रोल रूम’, पुलिस ने मारा छापा।
  • मन्नू नथानी गैंग का भंडाफोड़: रायपुर के मोहित सोमानी और खरसिया के अमित मित्तल समेत 6 बड़े खाईवाल गिरफ्तार।
  • ‘7 सेकंड’ की चीटिंग: टीवी प्रसारण से 7 सेकंड पहले मैच देखने वाले ‘सीक्रेट APK ऐप्स’ का इस्तेमाल कर रहे थे सटोरिए।
  • करण चौधरी से लिंक: गिरफ्तार आरोपियों के तार सीधे करण चौधरी और 1 करोड़ के कैश कांड से जुड़े हैं।
  • हवाला का ‘सीरियल नंबर’ कोड: 10 रुपये के नोटों के सीरियल नंबर व्हाट्सएप पर भेजकर होता था करोड़ों का ट्रांसफर।
  • दुबई कनेक्शन: ‘महादेव ऐप’ की तर्ज पर दुबई से मिलती थीं All Panel, Taj 777 और Diamond Exchange की मास्टर आईडी।

​कैंडोलिम बीच (गोवा) के विला में पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

करण चौधरी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को खरसिया के अमित मित्तल और उसके नेटवर्क के अहम इनपुट्स मिले थे। तकनीकी सर्विलांस से पता चला कि यह पूरा सिंडिकेट रायगढ़, सक्ती और रायपुर से ऑपरेट होने के बजाय, पुलिस से बचने के लिए गोवा में शिफ्ट हो गया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर सीएसपी मयंक मिश्रा और डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गोवा पहुंची। कैंडोलिम बीच के एक आलीशान विला में जब पुलिस ने दबिश दी, तो वहां ‘मन्नू नथानी गैंग’ के सदस्य सट्टा संचालित करते रंगे हाथों पकड़े गए। भनक लगते ही वे लैपटॉप और हिसाब की डायरी नष्ट करने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने 10 मोबाइल फोन और अहम डिजिटल साक्ष्य जब्त कर लिए।

​’7 सेकंड’ का वो हाई-टेक ‘चीटिंग गेम’

​इस पूरे खुलासे का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा सटोरियों का ‘काम करने का तरीका’ (Modus Operandi) है। आरोपी तीन अलग-अलग लेयर में इस संगठित अपराध को अंजाम दे रहे थे:

  1. ‘अभिनंदन बुक’ से भाव तय करना: ये बुकी सबसे पहले रायपुर की “अभिनंदन बुक/लाइन” से क्रिकेट सेशन का भाव लेते थे और उसे APK आधारित ‘जूम ऐप’ के जरिए नीचे के प्लेयर्स में बांटते थे।
  2. प्रगति टीवी/स्टार लाइव का सीक्रेट APK: लाइव टीवी पर मैच 7 सेकंड देरी से आता है। इसका फायदा उठाने के लिए सटोरिए ‘प्रगति टीवी’ जैसे सीक्रेट APK का इस्तेमाल करते थे, जो मैदान का लाइव फीड सीधे दिखाता है। इन 7 सेकंड के ‘एडवांटेज’ (Advantage) का इस्तेमाल कर ये बुकी करोड़ों का हेरफेर कर लेते थे।
  3. महादेव ऐप का ‘क्लोन’: ये बुकी दुबई और महानगरों में बैठे आकाओं से All Panel Exchange, Taj 777 और Diamond Exchange की आईडी लेकर लोकल प्लेयर्स को बांटते थे, जिस पर इन्हें भारी कमीशन मिलता था।

नोटों के ‘सीरियल नंबर’ से चलता था हवाला का खेल

​इस गिरोह का आर्थिक चैनल पूरी तरह से ‘हवाला’ पर टिका था। पूछताछ में पता चला है कि करोड़ों की रकम इधर से उधर करने के लिए आरोपी व्हाट्सएप पर नोटों के सीरियल नंबर साझा करते थे। इसी कोड वर्ड के भरोसे मध्य भारत (नागपुर, रायपुर, रायगढ़) में हवाला का पैसा डिलीवर होता था।

​पुलिस की गिरफ्त में आए ये ‘सफेदपोश’ खाईवाल

​इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड रायपुर निवासी मोहित सोमानी है, जिस पर रायपुर में पहले से कई अपराध दर्ज हैं। इसके अलावा खरसिया का अमित मित्तल (जिस पर रायगढ़, घरघोड़ा और चक्रधरनगर में केस दर्ज हैं), प्रकाश वाधवानी, आकाश मोटवानी, राहुल खंडेलवाल (बाबू) और सुलभ खंडेलवाल (छोटा बाबू) को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी मन्नू नथानी गैंग के एजेंट से शुरू होकर आज करोड़ों के खाईवाल बन चुके थे। पुलिस इन सभी को रायगढ़ लाकर रिमांड पर भेज रही है।

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