रायगढ़। पूंजीपथरा के कटेल टिकरा जंगल में 12 मई को मिली महिला अधिवक्ता की क्षत-विक्षत लाश के मामले में रायगढ़ पुलिस ने एक बड़ा पर्दाफाश किया है। इस ‘अंधे कत्ल’ की खौफनाक गुत्थी सुलझ गई है और कातिल कोई और नहीं, बल्कि मृतका का विवाहित प्रेमी ही निकला। शादी का दबाव बनने पर सक्ती निवासी प्रेमी लोकनाथ पटेल ने न सिर्फ इस नृशंस हत्याकांड की खौफनाक साजिश रची, बल्कि वारदात के बाद पुलिस और परिजनों को गुमराह करने के लिए मृतका के ही मोबाइल से ‘लड़की की आवाज’ निकालकर उसकी सहेलियों और बहन से बात भी करता रहा। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी को सक्ती से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

बुलेट हाइलाइट्स
- पूंजीपथरा के जंगल में 12 मई को मिली थी लैलूंगा निवासी 31 वर्षीय अधिवक्ता आराधना सिदार की लाश।
- चक्रधरनगर थाने की गुमशुदगी रिपोर्ट और कपड़ों से हुई मृतिका की शिनाख्त, जिसके बाद खुली कत्ल की परतें।
- 2 साल से चल रहा था प्रेम-प्रसंग, विवाहित प्रेमी लोकनाथ पटेल पर मृतका बना रही थी शादी का दबाव।
- सुनियोजित साजिश: 10 मई को सक्ती के लॉज में ‘फर्जी नाम’ से कमरा लिया, अगले दिन जंगल में दिया वारदात को अंजाम।
- कातिल की शातिर चाल: गला दबाने और पत्थर से कुचलने के बाद, शक से बचने के लिए मृतका के फोन से निकालता रहा ‘लड़की की आवाज’।
- सीसीटीवी में बाइक पर साथ जाते दिखे थे दोनों, बाइक नंबर और कॉल डिटेल्स ने खोला हत्या का राज।
’गुमशुदगी’ की रिपोर्ट से मिला शिनाख्त का सिरा
पूंजीपथरा पुलिस के लिए यह एक ‘ब्लाइंड मर्डर’ था, क्योंकि शव की स्थिति बेहद खराब थी। लेकिन जांच की पहली बड़ी सफलता तब मिली, जब थाना चक्रधरनगर में दर्ज एक गुमशुदगी रिपोर्ट के आधार पर परिजनों को बुलाया गया। घटनास्थल से बरामद कपड़े, सैंडल और तस्वीरों को देखकर परिजनों ने शव की शिनाख्त अधिवक्ता आराधना सिदार (31 वर्ष, निवासी केकराझरिया, लैलूंगा) के रूप में की। पहचान तय होते ही पुलिस ने कॉल डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया, जहां से शक की सूई सक्ती निवासी लोकनाथ पटेल की ओर घूमी।

2 साल का प्यार, शादी का दबाव और मौत की ‘स्क्रिप्ट’
पूछताछ में पुलिस के सामने एक बेहद खौफनाक और सुनियोजित साजिश की परतें खुलीं। आरोपी लोकनाथ पटेल (30 वर्ष) ने कबूल किया कि उसका आराधना के साथ पिछले 2 वर्षों से प्रेम संबंध था। चूंकि लोकनाथ पहले से शादीशुदा था और आराधना उस पर लगातार शादी का दबाव बना रही थी, इसलिए उनके बीच अक्सर विवाद होता था। इसी दबाव से छुटकारा पाने के लिए आरोपी ने आराधना को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रची।

योजना के तहत 9 मई की रात उसने आराधना से मिलने का प्लान बनाया। 10 मई को वह उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर पहले सक्ती और दमाऊधारा मंदिर ले गया। रात में दोनों सक्ती के एक लॉज में रुके, जहां शातिर आरोपी ने रजिस्टर में ‘फर्जी नाम’ से एंट्री की थी।
जंगल में हैवानियत और वो ‘आवाज’ बदलने का खेल
अगली सुबह (11 मई) लोकनाथ बहाने से आराधना को पूंजीपथरा के कटेल टिकरा के सुनसान जंगल में ले गया। वहां मौका पाते ही उसने पहले आराधना का गला दबाकर उसे बेहोश किया, और फिर किसी भारी पत्थर व धारदार हथियार से वार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने सबूत मिटाने के लिए खून साफ किया और घर लौट गया।
यहाँ से कातिल की सबसे शातिर और खौफनाक चाल शुरू हुई। RIG24 ने अपनी पिछली रिपोर्ट में अंदेशा जताया था कि मौत के बाद भी लड़की के मोबाइल का इस्तेमाल वो पुलिस और परिचितों को गुमराह करने के लिए कर रहा था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने शक से बचने के लिए आराधना का मोबाइल अपने पास रख लिया था। वह खुद उसकी बहन और सहेलियों से कॉल पर ‘महिला की आवाज’ निकालकर बात कर रहा था, ताकि किसी को उसकी मौत की भनक न लगे और यह लगे कि वह सुरक्षित है।
CCTV और बाइक नंबर ने पहुंचाया सलाखों के पीछे
कातिल चाहे कितना भी शातिर हो, कोई न कोई सुराग छोड़ ही देता है। पुलिस की जांच में घटनास्थल के आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें आरोपी अपनी मोटरसाइकिल पर मृतका को ले जाता हुआ साफ दिखाई दे गया। इसी ‘बाइक नंबर’ और कॉल लोकेशन के आधार पर पुलिस सीधे आरोपी तक पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी के पास से मृतका का मोबाइल और वारदात के वक्त पहने कपड़े जब्त कर लिए हैं। उसे हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।



