रायगढ़। उद्योगों के नाम पर जमीन का धोखा और भीषण प्रदूषण की मार झेल रहे रायगढ़ के पूर्वांचल पर एक बार फिर ग्रहण लगने वाला है। ग्राम पतरापाली (पूर्व), कोतरलिया और सियारपाली के ग्रामीण अब किसी भी कीमत पर अपनी बची-खुची उपजाऊ जमीनें छिनने देने के मूड में नहीं हैं। ‘सिंघल स्टील प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा इस इलाके में प्रस्तावित 17 लाख टन (1.7 MTPA) के ‘ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट’ के जनसुनवाई खिलाफ जमीनी स्तर पर बगावत तेज हो गई है।
खेतों, खलिहानों और तालाबों पर जमी काली धूल की परत और पाताल जाता भूजल स्तर ग्रामीणों के लिए पहले से ही नासूर बन चुका है। रही बात उद्योग के नाम पर दिखाए जाने वाले सुनहरे सपनों और उज्ज्वल भविष्य की… तो इस मामले में वे लोग 20 साल पहले ही बहुत बड़ा धोखा खा चुके हैं! प्रदूषण के हालात इतने बदतर हैं कि आज किसानों को उनकी उपज और सब्जियों का सही बाजार भाव तक नहीं मिल पाता।
20 साल पुराना धोखा
इस पूरे विरोध की जड़ में 2005 का वही धोखा है, जिसे इस इलाके के किसान आज तक भूल नहीं पाए हैं। साल 2005-06 में VISA Steel (वीजा स्टील) ने इन्हीं गांवों के किसानों को विकास, रोजगार और खुशहाली के बड़े-बड़े सपने दिखाए थे। किसानों ने अपनी पुश्तैनी उपजाऊ जमीनें कंपनी के हवाले कर दी थीं। जमीन का अधिग्रहण तो हुआ, लेकिन 20 साल बीत जाने के बाद भी वहां कोई प्लांट धरातल पर नहीं उतर सका। अपनी आजीविका चलाने और जमीन को छुड़ाने के लिए वे आज भी कचहरी के चक्कर काट रहे हैं।
पुराने घाव पर नमक छिड़कने के लिए अब सिंघल स्टील ‘ग्रीनफील्ड’ प्लांट
उसी पुराने घाव पर नमक छिड़कने के लिए अब सिंघल स्टील ‘ग्रीनफील्ड’ प्लांट का मुखौटा पहनकर आ गई है। ‘ग्रीनफील्ड’ यानी बिल्कुल खाली और नई जमीन पर प्रोजेक्ट लगाना। किसानों का सीधा आरोप है कि यह कोई विकास नहीं, बल्कि जमीनों की ‘कॉर्पोरेट लूट’ का दूसरा अध्याय है।
कुछ भी हो नहीं देंगे जमीन, नहीं लगने देंगे प्लांट
ग्राउंड जीरो पर ग्रामीणों ने RIG24 को दो टूक बताया कि वे अब दूसरी बार ठगे जाने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं हैं! जिस कंपनी को अपने तराईमाल प्लांट के लिए NGT से कड़ी फटकार मिल चुकी हो और जिस पर हाल ही में रायगढ़ लेबर कमिश्नर (Labour Commissioner) जुर्माना लगा चुके हों, ऐसी दागदार कंपनी के वादों पर भरोसा कर उसे इस इलाके की हवा और पानी में जहर घोलने की इजाजत कतई नहीं दी जाएगी। ग्रामीणों ने हुंकार भरते हुए कहा.. “चाहे इसके लिए कितनी भी बड़ी लड़ाई क्यों न लड़नी पड़े! हम यहां अब कोई और प्लांट नहीं लगने देंगे!”



