रायगढ़। रायगढ़ में कानून-व्यवस्था इन दिनों काफी चुस्त और दुरुस्त है। एसएसपी शशि मोहन सिंह की ‘कथनी और करनी’ में कोई अंतर नहीं है, यह बात जगजाहिर है और अपराधियों में इसका खौफ भी है। लेकिन जरायम की दीवारें इतनी पुरानी और गहरी हैं कि कहीं न कहीं कोई सुराग रह ही जाता है। इसी सुराग से अब रायगढ़ में होटल और लॉज बिजनेस की आड़ में ‘सेक्स सुविधा केंद्र’ का एक सुरक्षित धंधा पनप चुका है। सब जानते हुए भी लोग खामोश थे, लेकिन आज जब वार्ड पार्षद समेत आधा दर्जन से ज्यादा मोहल्लेवासियों ने रायगढ़ एसपी कार्यालय पहुंचकर कोतरा रोड स्थित ‘व्हाईट रोज होटल’ की गुंडागर्दी और देह व्यापार के खिलाफ शिकायत दी…। पहली बार इस पूरे ‘सेफ सिंडिकेट’ पर खुलकर पब्लिक का गुस्सा फूटता दिख रहा है!

स्टेशन के 500 मीटर में बिछा है मकड़ जाल, 5 सालों में 5 गुना बढ़ा धंधा
रायगढ़ में ऐसे कई होटल और लॉज हैं, जहां ‘कपल्स’ के नाम पर घंटे के हिसाब से ‘सेक्स सुविधा’ के लिए रूम किराए पर दिए जाते हैं। खासकर रेलवे स्टेशन के 500 मीटर के रेडियस में ऐसे लॉज कुकुरमुत्ते की तरह फैल गए हैं। इनकी सभी से ‘सेटिंग’ इतनी तगड़ी होती है कि पिछले 5 सालों में इनका यह ‘रंगीन कारोबार’ 5 गुना से ज्यादा बढ़ चुका है। मुनाफा इतना है कि कई होटलों ने तो शहर में अपनी दो-तीन ब्रांच तक खोल ली हैं।
बिना ‘आधार कार्ड’ के एंट्री? बस 1000 रुपये एक्स्ट्रा दीजिए!
इन होटलों का अपना एक अलग कानून चलता है। अगर आपके पास आधार कार्ड या कोई वैध आईडी नहीं है, तो भी कोई बात नहीं! बस 500 से 1000 रुपए अतिरिक्त (एक्स्ट्रा) दीजिए और बिना किसी रजिस्टर एंट्री के कमरा आपका। इन अय्याशी के अड्डों की सबसे बड़ी पहचान यह है कि इनके बाहर आपको हमेशा भारी मात्रा में दोपहिया वाहन (बाइक्स) खड़े मिल जाएंगे। मोहल्ले वाले अपने बच्चों पर पड़ रहे गलत असर को देखते हैं, सब समझते हैं, लेकिन होटलों की गुंडागर्दी और सिस्टम की खामोशी के आगे उनके पास भी चुप रहने के सिवा कोई चारा नहीं होता।

नाबालिगों को बुलाकर गंदा खेल: ‘व्हाईट रोज’ के संचालक ने फोड़ा पड़ोसी का सिर
इस सेक्स सिंडिकेट का सबसे ताजा और खौफनाक मामला कोतरा रोड, रामबाग के बगल में स्थित ‘व्हाईट रोज होटल’ का है। मोहल्लेवासियों का खुला आरोप है कि बिना किसी लाइसेंस के इस होटल में नाबालिग लड़कियों और युवतियों को बुलाकर अनैतिक कृत्य कराया जाता है।
होटल प्रबंधन की दबंगई इस कदर है कि जब इस गंदे खेल का विरोध बगल में रहने वाले पड़ोसी अरुण अग्रवाल ने 9 जून की रात करीब 12 बजे किया, तो होटल संचालक सूरज सिंह और उसके गुर्गों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। अरुण अग्रवाल का सिर फोड़ दिया गया और जान से मारने की धमकी दी गई।

शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, सिटी कोतवाली पुलिस की सुस्ती के कारण होटल संचालक के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह सरेआम कहता है..
“मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, मैंने सबको खरीद लिया है।”

फाइनल ओपिनियन
फिलहाल यह पहली बार है जब रायगढ़ की जनता ने ऐसे मामलों पर खुलकर शिकायत की है। इन होटलों और लॉज में जो ‘खेल’ चलता है, उसकी भनक स्थानीय पुलिस को न हो, ऐसा तो मुमकिन ही नहीं है! लेकिन आज तक इन पर इक्का-दुक्का कार्रवाई भी नहीं देखी गई, जिसके चलते लोगों का सिस्टम से भरोसा ही उठ गया था और ऐसे सेक्स सुविधा केंद्र वाले लोगों के हौसले बुलंद! वरना कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता, मैं सबको खरीद लिया है.. ऐसे डायलॉग इतने कॉन्फिडेंट से नहीं बोलते!
मामला सिर्फ ‘व्हाईट रोज’ होटल का नहीं है। वार्ड पार्षद और जनता की इस लिखित शिकायत के बाद हो सकता है कि बाकी अय्याशी के अड्डे भी कुछ दिन के लिए ‘अलर्ट’ हो जाएं, लेकिन पुलिस की पैनी निगरानी से कोई बच नहीं सकता। जिस तरह बाकी बड़े और जटिल मामलों में रायगढ़ एसपी शशि मोहन सिंह ने त्वरित कार्रवाई कर मिसाल पेश की है, जनता को उम्मीद है कि इस ‘सेक्स सुविधा’ वाले नेक्सस को तोड़कर वे एक ऐसी ही नई मिसाल कायम करेंगे, जो शहर के परिवारों को भविष्य में बड़ी राहत देगी।



