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किराये पर लिया ट्रेलर और रायपुर ले जाकर कबाड़ में कटवा दिया: शातिर ‘नटवरलाल’ गिरफ्तार! जानिए फ्रॉड से लेकर जेल तक की पूरी कहानी…

रायगढ़। अगर आप भी अपनी गाड़ी या संपत्ति किसी को किराये पर देते हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा अलर्ट है। रायगढ़ में एक शातिर ठग ने गाड़ी मालिक का ऐसा विश्वास जीता कि 80 हजार रुपये महीने के किराये पर एक भारी-भरकम ट्रेलर लिया, और फिर उसे सीधे रायपुर ले जाकर कबाड़ में कटवा दिया। कोतरारोड़ पुलिस ने इस शातिर दिमाग वाले ठग को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

राकेश बनकर की सुदामा ने एंट्री

इस पूरी ठगी की शुरुआत करीब दो साल पहले हुई थी। गोरखा (कोतरारोड़) के रहने वाले ट्रेलर मालिक हरदीप सिंह को एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम ‘राकेश डनसेना’ बताया और ट्रेलर को एनटीपीसी (NTPC) में काम पर लगाने के लिए किराये पर मांगने लगा। बातचीत के बाद गाड़ी का किराया 80,000 रुपये महीना तय हो गया।

फर्जी एग्रीमेंट और ब्लैंक चेक का झांसा

गाड़ी मालिक का भरोसा जीतने के लिए इस ठग ने पूरी प्लानिंग की थी। 7 नवंबर 2024 को 50 रुपये के स्टाम्प पर ‘राकेश डनसेना’ के नाम से एक फर्जी किरायानामा (Rent Agreement) बनवाया गया। गारंटी के तौर पर उसने हरदीप सिंह को एचडीएफसी (HDFC) बैंक का एक ब्लैंक चेक भी दिया, जिस पर ‘राकेश’ के नाम से फर्जी हस्ताक्षर थे। गाड़ी मिलते ही आरोपी अपने एक साथी के साथ ट्रेलर लेकर गायब हो गया। कुछ दिन बाद उसका मोबाइल भी बंद हो गया।

खुद की पड़ताल में खुला फर्जीवाड़े का राज

जब गाड़ी का किराया नहीं मिला और कोई संपर्क नहीं हो पाया, तो हरदीप सिंह ने अपने स्तर पर खोजबीन शुरू की। तब जाकर पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि जिस व्यक्ति ने राकेश बनकर एग्रीमेंट किया था, उसका असली नाम सुदामा प्रधान उर्फ छोटू (28 वर्ष) है, जो पुसौर के ग्राम गहलोई का रहने वाला है। बैंक खाता भी उसी के असली नाम पर था। इसके बाद मामले की एफआईआर कोतरारोड़ थाने में दर्ज कराई गई।

पुलिस हिरासत में आरोपी सुदामा प्रधान

रायपुर के कबाड़ गोदाम में कट गया ट्रेलर

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतरारोड़ और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिरों की मदद से सुदामा प्रधान को हिरासत में लिया। पुलिस की सख्ती के आगे सुदामा टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

​पूछताछ में उसने बताया कि उसने अपने साथी गुरप्रीत सिंह के साथ मिलकर यह पूरी साजिश रची थी। ट्रेलर मिलने के बाद दोनों उसे सीधा रायपुर के गुढ़ियारी इलाके में ले गए। वहां एक कबाड़ गोदाम में उन्होंने पूरे ट्रेलर (हॉर्स और ट्राला सहित) को महज 5 लाख 20 हजार रुपये में बेच दिया और पैसे आपस में बांट लिए।

​पुलिस की टीम जब उस ट्रेलर की तलाश में रायपुर के उस कबाड़ गोदाम तक पहुंची, तो पता चला कि वहां ट्रेलर को गैस कटर से काटकर पूरी तरह नष्ट (कबाड़) किया जा चुका है।

​फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी सुदामा प्रधान को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पूछताछ में उसने मोबाइल और गाड़ी चोरी की अन्य घटनाओं में भी शामिल होने की बात मानी है। वहीं, इस मास्टरमाइंड का दूसरा साथी गुरप्रीत सिंह अभी भी फरार है, जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।

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