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मौत के सफर का ‘लाइसेंस’: फर्जी दस्तावेजों से बन रहे थे हैवी ड्राइविंग लाइसेंस, पुलिस-RTO की बाबा ट्रेवल्स में रेड

रायगढ़। सड़कों पर दौड़ते भारी वाहनों के हादसों के पीछे का एक खौफनाक सच रायगढ़ में सामने आया है। हाईवे पर ऐसे ‘नौसिखिए’ ड्राइवर भारी वाहन दौड़ा रहे हैं, जिन्होंने शायद कभी खुद ड्राइविंग टेस्ट ही नहीं दिया! दूसरे राज्यों के लोगों को फर्जी दस्तावेजों के सहारे रायगढ़ का निवासी बताकर हैवी ड्राइविंग लाइसेंस (Heavy Driving License) बनाकर देने वाले एक बड़े रैकेट पर पुलिस और RTO ने शिकंजा कसा है।

बाबा ट्रेवल्स पर पुलिस और RTO की संयुक्त रेड

लगातार हो रहे सड़क हादसों के बीच पुलिस को 11 जून को एक लिखित शिकायत मिली थी। शिकायत में बताया गया था कि शहर में संचालित ‘बाबा ट्रेवल्स’ ओडिशा और दूसरे राज्यों के लोगों के फर्जी और भ्रामक दस्तावेज तैयार कर रहा है। इन बाहरी लोगों को फर्जी तरीके से रायगढ़ का स्थानीय निवासी बताकर धड़ल्ले से भारी वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जा रहे हैं।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) मयंक मिश्रा और ट्रैफिक DSP उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में RTO और ट्रैफिक पुलिस की एक संयुक्त टीम ने बाबा ट्रेवल्स पर दबिश दी।

किरायानामा फर्जी, और टेस्ट देने वाला भी कोई और!

जांच टीम ने जब दस्तावेजों को खंगाला, तो इस खेल की परतें खुलने लगीं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बाहरी राज्यों के आवेदकों के लिए रायगढ़ में ही फर्जी किरायानामा (Rent Agreement) और शपथ-पत्र तैयार किए गए। हद तो तब हो गई जब कई अलग-अलग आवेदकों के निवास का पता (Address) एक ही पाया गया।

​इतना ही नहीं, इस रैकेट में ड्राइविंग टेस्ट के दौरान भी बड़ा फर्जीवाड़ा होने का शक है। आशंका जताई जा रही है कि लाइसेंस प्रक्रिया के तहत होने वाले टेस्ट में असली आवेदक की जगह किसी और व्यक्ति (प्रोक्सी) को बैठाकर टेस्ट पास कराया गया और लाइसेंस जारी करवा लिए गए।

180 हैवी लाइसेंस रडार पर

फिलहाल जांच टीम ने करीब 180 ड्राइविंग लाइसेंस धारकों के दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है और इनकी बारीकी से तस्दीक की जा रही है। अगर इन दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा पूरी तरह प्रमाणित हो जाता है, तो इस रैकेट में शामिल एजेंसी और संबंधित लोगों पर बड़ी कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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