चांपा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के चांपा थाने में देर रात शराब से जुड़े एक मामले में हिरासत में लिए गए 25 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। सूत्रों के अनुसार, थाने में युवक की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने सुबह करीब 7 बजे दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए हैं, हालांकि पुलिस या प्रशासन की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मृतक की पहचान मेहंदीपुर गांव, मेहंदी पारा चांपा निवासी शिव सहिस के रूप में हुई है, जिसके पिता का नाम मनीराम है।
पुलिस की मार से मौत का आरोप, जनता में आक्रोश
इस घटना के बाद चांपा थाने के बाहर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई है। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि युवक की मौत पुलिस की पिटाई से हुई है। वे पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगा रहे हैं और मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस के खिलाफ भारी रोष देखा जा रहा है।
पुलिस ने की कार्रवाई: आरक्षक निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस प्रकरण में थाना चांपा के आरक्षक क्रमांक 836, ईश्वरी राठौर को निलंबित कर रक्षित केंद्र जांजगीर से संबद्ध कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश में बताया गया है कि आरक्षक राठौर ने अपराध क्रमांक 478/26, धारा 34 (2) आबकारी एक्ट के प्रकरण में घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता बरती है, जिसके फलस्वरूप यह कार्रवाई की गई है। इस निलंबन को पुलिस महकमे पर बढ़ते दबाव और आरोपों के बीच ‘डैमेज कंट्रोल’ की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक युवक की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं किया गया है और न ही हिरासत में मौत के आरोपों पर कोई स्पष्टीकरण दिया गया है। यह घटना पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों के मामलों को फिर से सुर्खियों में ले आई है और मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर बल देती है।








