रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस चौकी जोबी अंतर्गत ग्राम कोठीकुंडा में पिछले वर्ष हुए बहुचर्चित तिहारू साहू हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश, खरसिया, श्वेता श्रीवास्तव के न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने तिहारू साहू की हत्या के चार आरोपियों को आजीवन कारावास और ₹2,000 के अर्थदंड से दंडित किया है।

पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह
मामले के संक्षिप्त विवरण के अनुसार, 07 जुलाई 2025 को खरसिया तहसील अंतर्गत पुलिस चौकी जोबी के ग्राम कोठीकुंडा में तिहारू साहू पर उसकी पहली पत्नी जानकी साहू, बेटे विकास साहू, साली जया साहू और साले भुनेश्वर साहू ने मिलकर हमला किया था। यह हमला पारिवारिक विवाद के चलते किया गया। तिहारू साहू की दूसरी पत्नी सुकमति साहू (45 वर्ष) ने 09 जुलाई 2025 को पुलिस चौकी जोबी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सुकमति ने बताया कि 07 जुलाई 2025 को वह अपने पति तिहारू साहू के साथ मोटरसाइकिल से मसनिया कला जा रही थी। इसी दौरान बेटे विकास साहू के घर के सामने तिहारू की पहली पत्नी जानकी साहू ने रास्ते में बांस रखकर मोटरसाइकिल रोक दी और गाली-गलौज करने लगी। जानकी साहू के साथ उसकी बहन जया साहू भी मौजूद थी और दोनों ने मिलकर तिहारू साहू के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
हमले के दौरान तिहारू साहू का बेटा विकास साहू और साला भुनेश्वर साहू भी मौके पर पहुंच गए। चारों आरोपियों ने मिलकर तिहारू साहू के साथ बेरहमी से मारपीट की। इसी बीच, विकास साहू ने अपने हाथ में रखी धारदार टांगी से तिहारू साहू पर हमला कर दिया, जिससे उसकी आंख के ऊपर, भुजा, जांघ और पैर में गंभीर चोटें आईं।

इलाज के दौरान मौत, हत्या की धारा जोड़ी गई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस चौकी जोबी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी नारायण राठौर ने कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 373/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 118(1), 126(2), 296, 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और रिमांड पर भेजा। गंभीर रूप से घायल तिहारू साहू की उपचार के दौरान 12 जुलाई 2025 को मृत्यु हो गई, जिसके बाद विवेचना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) का विस्तार किया गया।
सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी नारायण राठौर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी महत्वपूर्ण गवाहों के कथन दर्ज किए और घटना से संबंधित आवश्यक भौतिक साक्ष्यों की जप्ती की। पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के करीब दो माह के भीतर, 08 सितंबर 2025 को चालान न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया था।
पुलिस विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी से मिली सजा
पुलिस द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत अभियोग पत्र और विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने चारों आरोपियों को हत्या के अपराध में दोषी पाया। न्यायालय ने विकास साहू, भुनेश्वर साहू, जानकी साहू और जया साहू को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत आजीवन कारावास और ₹2,000-₹2,000 के अर्थदंड से दंडित किया।
दोषसिद्ध आरोपी:
- विकास साहू, पिता तिहारू साहू, उम्र 23 वर्ष, निवासी कोठीकुंडा।
- भुनेश्वर साहू, पिता तेस्स राम, उम्र 38 वर्ष, निवासी तिउर, थाना खरसिया।
- जानकी साहू, पति तिहारू साहू, उम्र 45 वर्ष, निवासी कोठीकुंडा।
- जया साहू, पति दिलीप साहू, उम्र 33 वर्ष, निवासी भागोड़ीह, थाना खरसिया, वर्तमान पता तिउर।








