रायगढ़। शहर का जूटमिल क्षेत्र बिल्डरों के लिए सोने की खान बन चुका है। सरकारी जमीन और नालों का अतिक्रमण पर अब इनके मामूली बात हो गई है। ऐसा ही एक मामला में फरियाद लेकर छातामुरा और सांगीतराई गांव के रायगढ़ कलेक्टर के जनदर्शन में पहुंचे थे। उनका कहना है कि अनुभव बिल्डर फॉर्म के पार्टनर आनंद बंसल ने 3.30 मीटर चौड़ी और करीब 800 मीटर लंबी नाले की जमीन को बाउंड्री वॉल कर घेर दिया है। उनके आने जाने का रास्ता बंद हो गया है। उनके खेत सूख भी रहे हैं। इसके साथ ही नेशनल हाईवे से सटी 75 मीटर की चौड़ी जमीन भी बाउंड्री वॉल कर कब्जे में ले ली।
जानिए पूरा मामला
रायगढ़ में पुसौर तहसील के अंतर्गत आने वाले छातामुड़ा में एक सरकारी नाला है। जिसकी सरकारी रिकॉर्ड में खसरा नंबर 252/2 है। नाले के बगल से लोगों के आने जाने के लिए कच्चा रास्ता है। इसी से सटकर आनंद बंसल पिता बजरंग बंसल की जमीन है। जिसका खसरा नंबर 242/2 हैं।
आनंद बंसल अनुभव बिल्डर्स में एक पार्टनर है। इनके द्वारा एक कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा है। जिसके लिए इस नाले की 3.30 मीटर चौड़ाई और करीब 700 से 800 मीटर लंबाई की जमीन को पाठ कर बाउंड्री वॉल कर दिया गया है। इस अतिक्रमण से लोगों के आने जाने का रास्ता भी बंद हो चुका है। इस अतिक्रमण के कारण आसपास के खेत भी सूख चुके हैं। ग्रामीण द्वारा इसका विरोध किया गया मगर इस अवैध निर्माण को नहीं रोका गया।
(वीडियो: वह नाला और उसके आसपास की जमीन जिस पर अतिक्रमण हुआ है।)
इसी प्रकार ग्राम सांगीतराई में आनंद बंसल पार्टनर अनुभव बिल्डर्स के द्वारा रायगढ़ सारंगढ़ नेशनल हाईवे से जुड़ी हुई सरकारी जमीन पर भी लंबा चौड़ा अतिक्रमण किया जा रहा है। अपनी कॉलोनी को रास्ता देने के लिए 75 मीटर चौड़ाई और 13.5 मीटर गहराई में सरकारी जमीन में बाउंड्री वॉल किया जा रहा है।
राजस्व विभाग के रहस्यमई चुप्पी
जनदर्शन में पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि बिल्डर के खिलाफ़ कई बार शिकायत कि गई है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। ऐसा लगता है कि राजस्व विभाग ने इन्हे सरकारी जमीन कब्ज़ाने की खुली छूट दे रखी है। यही वजह है कि नाले के ऊपर रास्ता बनाने बिल्डर आनंद बंसल ने नाले के वास्तविक स्वरूप को भी बदल दिया हैं। संगीतराई में भी लंबी चौड़ी सरकारी जमीन को बाउंड्री वॉल कर दिया।
क्या वाकई पॉकेट में है प्रशासन..??
कलेक्टर जनदर्शन के बाद हमारी टीम जब वहां पहुंची तो वाकई उन्होंने जो कहा वह सच था! उनकी तकलीफें जायज थी। अतिक्रमण साफ-साफ दिख रहा था। वीडियो में आप भी देख सकते हैं। पता नहीं इन बिल्डरों ने प्रशासन को कैसी कौन सी बूटी दी है, जिसे ग्रहण करने के बाद कोई नींद से जागना ही नहीं चाहता! खुली आंखों से देखना ही नहीं चाहता। कुछ बिल्डर तो इतने दमखम और जोशोखरोश में हैं कि प्रशासन को जेब में रखने का दावा करते हैं। और इन सब मामलों को देखकर लगता है कि कहीं ना कहीं उनका दावा सच है!



