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रायगढ़ में यूट्यूब विज्ञापन बना ठगी का जाल: दंपत्ति ने गंवाए 1 करोड़ 8 लाख रुपये, पुलिस ने दर्ज किया मामला

रायगढ़: सोचिए, एक साधारण दिन में आप यूट्यूब पर वीडियो देख रहे हैं और अचानक एक चमकदार विज्ञापन आता है – ‘शेयर ट्रेडिंग से बनें करोड़पति!’ यह सुनने में जादुई लगता है, लेकिन रायगढ़ के ढिमरापुर रोड स्थित रॉयल रेसीडेंसी कॉलोनी के निवासी लखन पटेल और उनकी पत्नी मेदनी पटेल के लिए यह जादू एक बड़ा धोखा साबित हुआ। इस लुभावने विज्ञापन के चक्कर में पड़कर उन्होंने कुल 1 करोड़ 8 लाख 44 हजार रुपये गंवा दिए। जब उन्होंने निवेशित रकम वापस निकालने की कोशिश की, तो ठगों के मोबाइल नंबर बंद मिले। हताश दंपत्ति ने अंततः सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। यह सनसनीखेज साइबर फ्रॉड का मामला सिटी कोतवाली क्षेत्र का है। आइए, इस घटना की पूरी कहानी जानते हैं।

विज्ञापन देखकर फंसे जाल में

जानकारी के अनुसार, लखन पटेल और मेदनी पटेल ने यूट्यूब पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा एक विज्ञापन देखा। विज्ञापन में ट्रेडिंग के फायदों का बखान किया गया था और दो मोबाइल नंबर दिए गए थे। कहा गया था कि इच्छुक व्यक्ति इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। आसान कमाई के लालच में दंपत्ति ने उन नंबरों पर कॉल की। एक नंबर नितिन शर्मा का और दूसरा तेज कुमार जैन का बताया गया, जो यू.के. इंडिया ट्रेडिंग कंपनी के लिए काम करने का दावा करते थे।

दोनों ठगों से बातचीत के बाद, पटेल दंपत्ति ने उनके बताए अनुसार अपने अलग-अलग बैंक खातों से कुल 1 करोड़ 8 लाख 44 हजार रुपये निवेश कर दिए। शुरू में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ दिनों बाद जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने नया खेल शुरू कर दिया।

निकासी के नाम पर और ठगी

ठगों ने दंपत्ति को बताया कि पूरी रकम निकालने के लिए अतिरिक्त 5 लाख रुपये जमा करने होंगे, जिसके बाद सारा पैसा एकमुश्त वापस मिल जाएगा। उनकी बातों में आकर लखन पटेल ने 5 लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए। लेकिन इसके बाद दोनों नंबर बंद हो गए। बार-बार कॉल करने पर सिर्फ एक ही मैसेज मिलता – ‘नंबर उपलब्ध नहीं है।’ तब जाकर पटेल दंपत्ति को एहसास हुआ कि वे साइबर ठगों के जाल में फंस चुके हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

हैरान-परेशान दंपत्ति ने सिटी कोतवाली थाने का रुख किया। श्रीमती मेदनी पटेल की रिपोर्ट पर पुलिस ने नितिन शर्मा और तेज कुमार जैन के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

रायगढ़ पुलिस समय-समय पर साइबर फ्रॉड को लेकर अभियान भी चलाया गया है। इसके साथ ही रायगढ़ पुलिस द्वारा लोगों को अलर्ट किया गया है कि  ऐसे साइबर फ्रॉड के मामलों में सतर्कता बेहद जरूरी है और लोग किसी भी अनजान विज्ञापन पर भरोसा करने से पहले जांच-पड़ताल करें।

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