रायगढ़। कल शनिवार का दिन रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र के लिए काफी उबाल भरा रहा, मगर आज वहां शांति है। सैकड़ो की तादाद में लोग एक बार फिर से शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे हैं।
सुबह से ग्रामीण और पुलिस के बीच तनातनी चल रही थी। गिरफ्तारी ने माहौल गर्मी और सड़क हादसे ने आग़ में घी का काम किया। हजारों की तादाद में लोग इकट्ठा हो गये। पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प भी हुई जिसमें कई पुलिस वाले घायल भी हुए। जिंदल पावर के वाहन में तोड़फोड़ और आगजनि की भी घटनाएं सामने आई।

रायगढ़ जिला कलेक्टर पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। अंधेरा होने तक पब्लिक का गुस्सा शांत होने लगा। देर शाम तक रायगढ़ जिला कलेक्टर का भी बयान आया। जिसमें उन्होंने कहा कि आंदोलन उग्र और नेतृत्व विहीन होने के कारण फिलहाल बात नहीं हो पाई।
गिरफ्तार किए हुए लोगों को भी देर शाम छोड़ दिया गया। कल रात ही लोग वापस धरने पर लौट आए हैं और आज सुबह शांतिपूर्ण तरीके से सैकड़ो की तादाद में लोग वहां बैठे दिखाई दिए। फिलहाल बताया जा रहा है पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी एक बार आज प्रभावितों से बातचीत करेंगे।
घटना के बाद आया भूपेश का बयान
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आंदोलनकारी की गिरफ्तारी के बाद घटना के संबंध में अपने सोशल मीडिया अकाउंट से इस मामले पर अपनी बात कही। जिसमें उन्होंने कहा कि
पूँजीपतियों से प्यार
जनता पर अत्याचार
भाजपा की डबल इंजन सरकार अपने पूंजीपति मित्रों का हित साधने हेतु जनता के संवैधानिक अधिकारों को कुचल रही है.
गारे पेलमा में कोल ब्लॉक आबंटन के लिए करवाई गई फर्जी जनसुवाई को निरस्त करने की मांग लेकर विगत 9 दिसंबर से ही तमनार में क्षेत्रवासी शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं.
लेकिन अपने उद्योगपति आकाओं को खुश करने के लिए भाजपा के डबल इंजन ने आज आंदोलनरत सैकड़ों ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया.
मुख्यमंत्री जिस ज़िले से सांसद रहे हैं और जिस ज़िले से पर्यावरण मंत्री स्वयं आते हैं, वहीं आज पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों को हिरासत में लेने के लिए उद्योगों के वाहनों का भी उपयोग किया है, जो यह स्पष्ट करता है कि छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़ पुलिस दोनों ही उद्योगपतियों की गोद में बैठ कर किसी भी प्रकार से इस आंदोलन को कुचलना चाहते हैं, ताकि फर्जी जनसुनवाई के जरिए हड़पे गए कोल ब्लॉक का दोहन किया जा सके.
शासन-प्रशासन का इस प्रकार उद्योगपतियों की कठपुतली बन जाना बेहद शर्मनाक और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक है.

क्या बोलती है रायगढ़ पॉलिटिक्स
इतनी बड़ी घटना के 24 घंटे बाद भी विपक्ष का कोई बड़ा नेता तमनार नहीं पहुंचा है। मगर मीडिया में दिए बयान और प्रेस रिलीज के माध्यम से विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
खरसिया विधायक एवं पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने इस पूरी घटना को साय सरकार का फेलियर बताया है। उन्होंने कहा कि यह लोगों के 25 दिनों का आक्रोश है। सड़क हादसे के बाद लोगों ने उग्र रूप ले लिया। यह सरकार नाकामी है। कांग्रेस इस मामले में रणनीति तय करेगी।
वही जिला कांग्रेस ने भी इस घटना की निंदा कर प्रेस रिलीज जारी की है। रायगढ़ विधायक एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी रायगढ़ में ही थे मगर इस घटना को लेकर अभी मीडिया में किसी प्रकार का कोई बयान नहीं दिखाई नहीं दे रहा। प्रेसरिलीज और मीडिया के माध्यम से पता चला कि कल वह अपने पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार उद्घाटन एवं अन्य जनकल्याणकारी कार्यों में व्यस्त रहे। रायगढ़ जिला भाजपा की भी इस मामले में चुप्पी हैं।
फिलहाल सार यह है कि यह पूरा मामला पुलिस और प्रशासन के ऊपर छोड़ दिया गया है। ग्रामीण कल रात से ही धरना स्थल पर वापस लौट आए थे और आज शांतिपूर्ण तरीके से धरना जारी है। आज प्रशासनिक स्तर पर बातचीत होने की उम्मीद है।
संबंधित खबर:




